79th Independence Day 2025: – लाल किले से 12वीं बार तिरंगा फहराया , पीएम मोदी का आह्वान – ‘आत्मनिर्भरता ही विकसित भारत का आधार’

नई दिल्ली ( शिखर दर्शन ) // 79वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को लाल किले की प्राचीर से 12वीं बार तिरंगा फहराया और राष्ट्रगान के साथ समारोह का शुभारंभ किया। इस दौरान तीनों सेनाओं के प्रमुख भी मौजूद रहे। देशवासियों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने स्वतंत्रता दिवस को “140 करोड़ देशवासियों के संकल्प, गौरव और एकता का पर्व” बताया। उन्होंने कहा कि आज भारत के हर कोने में तिरंगे की गूंज है और हर घर तिरंगे के रंग में रंगा हुआ है।

प्रधानमंत्री ने देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की बधाई देते हुए कहा—
“मेरी कामना है कि यह अवसर सभी के जीवन में नया जोश और नई स्फूर्ति लेकर आए, जिससे विकसित भारत के निर्माण को नई गति मिले। जय हिंद!”

पाकिस्तान पर सख्त संदेश
अपने संबोधन में पीएम मोदी ने आतंकवाद और दुश्मन देशों पर भी तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि भारत दशकों तक आतंकवाद का शिकार रहा है, लेकिन अब देश न्यूक्लियर धमकियों को सहन करने वाला नहीं है। “आतंक और आतंकियों को ताकत देने वाले मानवता के दुश्मन हैं। आगे भी अगर दुश्मनों ने कोशिश की तो हमारी सेना अपने समय और अपनी शर्तों पर जवाब देगी,” उन्होंने कहा।
स्पेस और टेक्नोलॉजी में भारत की प्रगति
प्रधानमंत्री ने बताया कि भारत अपने दम पर गगनयान मिशन की तैयारी कर रहा है और अपना स्पेस स्टेशन बनाने की दिशा में काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि स्पेस सेक्टर में हुए सुधारों के बाद 300 से अधिक स्टार्टअप सक्रिय हैं, जिनमें हजारों युवा वैज्ञानिक और इंजीनियर जुटे हुए हैं। लाल किले से उन्होंने युवाओं से आह्वान किया—
“क्या समय की मांग नहीं है कि हम अपना मेड इन इंडिया फाइटर जेट इंजन बनाएं, अपने पेटेंट विकसित करें और नई, सस्ती व प्रभावी दवाओं की खोज करें?”

आत्मनिर्भर भारत का संदेश
पीएम मोदी ने कहा कि विकसित भारत का आधार आत्मनिर्भरता है। “जो राष्ट्र दूसरों पर निर्भर रहता है, उसकी आज़ादी पर प्रश्नचिह्न लग जाता है। आत्मनिर्भरता केवल आयात-निर्यात या रुपये-डॉलर तक सीमित नहीं, बल्कि यह हमारे सामर्थ्य को सुरक्षित और मजबूत रखने का संकल्प है।”
उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर का उदाहरण देते हुए कहा कि मेड इन इंडिया रक्षा तकनीक के कारण भारतीय सेना ने दुश्मन को पलक झपकते जवाब दिया, बिना किसी बाहरी मदद के इंतजार के। पिछले 10 वर्षों में रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता के मिशन का यह परिणाम है।



