जमीन की खरीद-बिक्री पर रोक, कलेक्टर ने जारी किया आदेश

रेलवे परियोजनाओं को लेकर जिले के तिफरा-बोदरी में जमीन की खरीद-बिक्री पर रोक
बिलासपुर (शिखर दर्शन) // रेलवे अधोसंरचना परियोजनाओं के सुचारु क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बिलासपुर कलेक्टर कार्यालय द्वारा एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक आदेश जारी किया गया है। इस आदेश के तहत बिलासपुर जिले के तिफरा और बोदरी गांवों में प्रस्तावित रेलवे परियोजनाओं की सीमा में आने वाली भूमि की खरीद-बिक्री, अंतरण, बंटवारा एवं किसी भी प्रकार के व्यावसायिक लेन-देन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। यह निर्णय अंतिम अधिग्रहण प्रक्रिया पूरी होने और आवश्यक अधिसूचना जारी होने तक प्रभावी रहेगा।
यह आदेश दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, बिलासपुर की दो प्रमुख परियोजनाओं से संबंधित है। पहली परियोजना 2×25 केवी ओवरहेड इक्विपमेंट (OHE) ट्रैक्शन अपग्रेडेशन से जुड़ी है, जिसके लिए बिलासपुर तहसील के ग्राम तिफरा, कोरियापारा के पटवारी हल्का नंबर 40 के खसरा नंबर 1494, 1495, 1496 और 1497 की भूमि को चिह्नित किया गया है।
दूसरी परियोजना दगोरी-बिल्हा रेलवे लाइन के 9.20 किलोमीटर के विस्तार से संबंधित है। इसके लिए बिल्हा तहसील के ग्राम बोदरी स्थित पटवारी हल्का नंबर 01, म.नं.05 और 01, म.नं.06 के अंतर्गत आने वाले विभिन्न खसरा नंबरों की भूमि को अधिग्रहण के दायरे में लाया गया है। उक्त भूमि पर अब किसी प्रकार का अंतरण, बंटवारा, व्यापार या क्रय-विक्रय नहीं किया जा सकेगा।
प्रशासन के अनुसार यह रोक सार्वजनिक हित में त्वरित अधिग्रहण प्रक्रिया को सुनिश्चित करने, संभावित आर्थिक क्षति से शासन को बचाने और भूमि माफियाओं द्वारा लाभ उठाने की प्रवृत्ति को रोकने के उद्देश्य से लगाई गई है। आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि अधिग्रहण की प्रक्रिया के दौरान भूमि का छोटे टुकड़ों में बंटवारा, प्रयोजन परिवर्तन या अवैध सौदेबाजी से लागत में अप्रत्याशित वृद्धि होती है, जिससे विकास कार्यों में अनावश्यक विलंब होता है।
निर्देश में यह भी उल्लेख है कि उपरोक्त वर्णित भूमि का कोई भी अंतरण या सौदा बिना प्रभावित व्यक्ति की लिखित अनुमति के नहीं किया जा सकता। इच्छुक व्यक्ति इस संबंध में संबंधित अधिकारियों को आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं।
यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है और सभी संबंधित विभागों एवं अधिकारियों को इसके कड़ाई से अनुपालन के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने यह स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों पर विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।
यह निर्णय रेलवे अधोसंरचना के राष्ट्रीय महत्व की परियोजनाओं को समयबद्ध ढंग से पूरा करने की दिशा में एक सख्त लेकिन आवश्यक कदम माना जा रहा है।



