मध्यप्रदेश

MP में AIMIM की एकमात्र हिंदू पार्षद ने छोड़ी पार्टी, चौंकाने वाली वजह बताई—कहा, मेरे पति की वजह से लिया फैसला

शहर में मुस्लिम बाहुल्य वार्ड से जीती थीं चुनाव

खरगोन (शिखर दर्शन) // ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) की मध्य प्रदेश इकाई को एक बड़ा झटका लगा है। पार्टी की एकमात्र हिंदू महिला पार्षद अरुणा उपाध्याय ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने AIMIM के राष्ट्रीय नेतृत्व को पत्र भेजकर पार्टी की कोर कमेटी और सदस्यता से त्यागपत्र देने की जानकारी दी है। हालांकि, वे पार्षद पद पर बनी रहेंगी और स्वतंत्र रूप से अपने दायित्व का निर्वहन करेंगी।

अरुणा उपाध्याय ने इस्तीफे की वजह निजी बताई है, लेकिन बाद में उन्होंने खुलासा किया कि पार्टी से जुड़े होने के कारण उन्हें घरेलू तनाव का सामना करना पड़ रहा था। उनके पति AIMIM को मुस्लिम पार्टी कहकर बार-बार सवाल उठाते थे और इसका असर पारिवारिक माहौल पर पड़ रहा था। उन्होंने कहा कि लगातार हो रहे कलेश और तनाव के चलते उन्होंने यह निर्णय लिया।

अरुणा उपाध्याय ने अपने इस्तीफे में लिखा—

“मैं अरुणा उपाध्याय, वार्ड क्रमांक 2 की पार्षद, AIMIM के टिकट पर चुनाव जीतकर पार्षद बनी थी। लेकिन अब अपने निजी कारणों से पार्टी की कोर कमेटी और सदस्यता से इस्तीफा दे रही हूं। मैं पार्षद पद पर स्वतंत्र रूप से कार्य करती रहूंगी।”

मुस्लिम बहुल वार्ड से मिली थी जीत, भाजपा और कांग्रेस को दी थी मात

गौरतलब है कि 20 जुलाई 2022 को हुए नगर पालिका चुनाव में AIMIM ने खरगोन की तीन सीटों पर जीत दर्ज की थी। अरुणा उपाध्याय ने वार्ड नंबर 2 से चुनाव जीतकर AIMIM के लिए एक ऐतिहासिक जीत दर्ज की थी। इस वार्ड में लगभग 70 प्रतिशत मुस्लिम आबादी है। उन्होंने इस चुनाव में भाजपा प्रत्याशी सुनीता गांगले (612 वोट) और कांग्रेस की शिल्पा सोनी (498 वोट) को हराकर जीत हासिल की थी।

अरुणा उपाध्याय का पार्टी से अलग होना न केवल AIMIM के लिए राजनीतिक नुकसान है, बल्कि यह उस सामाजिक समरसता पर भी प्रश्नचिन्ह है, जो विभिन्न वर्गों की भागीदारी के माध्यम से लोकतंत्र को मजबूत करती है। अब देखना होगा कि पार्टी इस घटनाक्रम पर क्या प्रतिक्रिया देती है।

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