मध्यप्रदेश में मानसून का कहर: उज्जैन-राजगढ़ में रेड अलर्ट, ग्वालियर-चंबल संभाग में अति भारी बारिश की चेतावनी

भोपाल (शिखर दर्शन) // मध्यप्रदेश में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है और कई जिलों में इसका असर तबाही जैसा दिखने लगा है। मौसम विभाग ने सोमवार, 23 जून को प्रदेश के कई जिलों के लिए भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। उज्जैन, शाजापुर, राजगढ़ और आगर-मालवा जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है, जहां अति भारी बारिश की आशंका है। वहीं, इंदौर, देवास, मंदसौर और नीमच जिलों में ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है।
ग्वालियर और चंबल संभाग में अतिवृष्टि की संभावना जताई गई है, जिससे जलभराव और नदियों में बाढ़ जैसे हालात बन सकते हैं। मौसम विभाग के अनुसार पाकिस्तान से बांग्लादेश तक फैली द्रोणिका लाइन के सक्रिय होने, चक्रवात और टर्फ के प्रभाव से बारिश का मजबूत सिस्टम बना हुआ है। इस सिस्टम के प्रभाव से सोमवार को भोपाल, ग्वालियर, गुना, श्योपुर, शिवपुरी, सीहोर, सागर, अशोकनगर, रतलाम, नर्मदापुरम और विदिशा में भी भारी बारिश की संभावना है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मानसून को देखते हुए सतर्कता बरतने के निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने नागरिकों और विशेष रूप से छात्रों से अपील की है कि वे किसी भी रपटे या पुल-पुलिया पर बहते पानी को पार न करें। प्रशासन को अलर्ट मोड पर रहने को कहा गया है।
रविवार को भी कई जिलों में भारी बारिश हुई। टीकमगढ़ में सबसे अधिक 262 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि मंडला में डेढ़ इंच, नर्मदापुरम में 1.4 इंच, ग्वालियर में 1 इंच और भोपाल-रायसेन में लगभग पौन इंच बारिश हुई। इसके अलावा मलाजखंड (बालाघाट), रतलाम और पचमढ़ी में भी आधा इंच बारिश रिकॉर्ड की गई।
राज्य में लगातार हो रही बारिश से जनजीवन प्रभावित हो रहा है और बाढ़ जैसे हालात उत्पन्न होने लगे हैं। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में बारिश की तीव्रता और बढ़ने की संभावना जताई है। प्रशासन ने नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की है।
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