‘विदेशी नागरिक जा सकते हैं…’ आर्मेनिया के रास्ते लौटेंगे भारतीय छात्र, ईरान _ इजराइल के संघर्ष के बीच मिली छूट
नई दिल्ली (शिखर दर्शन) // ईरान और इजराइल के बीच तेजी से बढ़ते सैन्य संघर्ष के बीच भारत सरकार ने ईरान में फंसे अपने नागरिकों और छात्रों की सुरक्षित निकासी की प्रक्रिया तेज कर दी है। भारत ने ईरान सरकार से मदद मांगी, जिसके जवाब में ईरानी प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि सभी ज़मीनी सीमाएं खुली हैं और भारतीय नागरिकों के सुरक्षित बाहर निकलने के लिए सभी जरूरी इंतजाम किए जाएंगे।
जानकारी के अनुसार, भारत सरकार ने तेहरान स्थित अपने दूतावास के जरिए ईरान में मौजूद भारतीय छात्रों और नागरिकों के लिए एक गूगल फॉर्म और टेलीग्राम लिंक जारी किया है, ताकि उनसे सीधा संपर्क बनाकर उन्हें जरूरी सूचना और सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
नॉरदुज चौकी से होगी निकासी, आर्मेनिया के राजदूत से हुई बातचीत
सूत्रों के मुताबिक, भारत ने ईरान में मौजूद अपने छात्रों को सुरक्षित निकालने के लिए आर्मेनिया के राजदूत से संपर्क किया है। योजना के तहत छात्रों को बसों के जरिए ईरान-आर्मेनिया बॉर्डर स्थित नॉरदुज चौकी तक पहुंचाया जाएगा। बताया जा रहा है कि वर्तमान में ईरान में करीब 10,000 भारतीय फंसे हुए हैं, जिनमें लगभग 1,500 छात्र शामिल हैं।
ईरानी विदेश मंत्रालय ने भी यह स्पष्ट किया है कि भले ही मौजूदा हालात में हवाई मार्ग बंद हैं, लेकिन सभी ज़मीनी सीमाएं सामान्य रूप से चालू हैं। साथ ही विदेशी नागरिकों की निकासी के लिए ईरान के जनरल प्रोटोकॉल विभाग को आवश्यक दस्तावेज और यात्रा संबंधी जानकारी पहले से देना अनिवार्य होगा।
दूतावास की अपील: घबराएं नहीं, सतर्क रहें
तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने सभी भारतीय नागरिकों और प्रवासी भारतीयों से अपील की है कि वे अफवाहों से बचें, अनावश्यक यात्रा न करें, स्थानीय अधिकारियों के दिशा-निर्देशों का पालन करें और दूतावास के सोशल मीडिया चैनलों से जुड़े रहें।
ईरान-इजराइल संघर्ष में बढ़ रही तबाही
वहीं, ईरान-इजराइल के बीच जारी संघर्ष लगातार गंभीर होता जा रहा है। रविवार को ईरानी सेना ने सेंट्रल इजराइल में कई जगहों पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं, जिसमें अब तक 8 इजराइली नागरिकों की मौत और 200 से अधिक घायल होने की खबर है। पिछले चार दिनों में यह ईरान का सबसे बड़ा हमला माना जा रहा है।
अब तक इस संघर्ष में इजराइल में कुल 24 लोगों की मौत हो चुकी है और 600 से अधिक लोग घायल हैं। वहीं, ईरान में 224 लोगों की मौत और 1,277 से ज्यादा घायल होने की पुष्टि हुई है। अमेरिका स्थित मानवाधिकार संगठन ने दावा किया है कि ईरान में मरने वालों की संख्या 406 तक पहुंच गई है।
गौरतलब है कि 13 जून की रात से दोनों देशों के बीच सैन्य झड़पें शुरू हुई थीं। इजराइल ने पहले ईरान के विदेश मंत्रालय और फिर रक्षा मंत्रालय को निशाना बनाया, जिसमें सैकड़ों लोग घायल हुए।
भारत सरकार हालात पर लगातार नजर रखे हुए है और अपने नागरिकों की सुरक्षित वापसी के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है।



