ट्रंप का बड़ा बयान: कहा- भारत-पाकिस्तान सुलह के बाद अब इजरायल-ईरान की भी जंग रुकवाउंगा….

ईरान-इजरायल संघर्ष तीसरे दिन भी जारी: ट्रंप ने शांति स्थापना की जताई उम्मीद, तेहरान में धमाके, इराक ने किया एयर डिफेंस एक्टिव
विशेष रिपोर्ट //
पश्चिम एशिया एक बार फिर बड़े युद्ध की आशंका से घिर गया है। ईरान और इजरायल के बीच जारी तनाव तीसरे दिन भी अपने चरम पर पहुंच गया है। रविवार को ईरान ने एक बार फिर इजरायल की ओर कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं, हालांकि इजरायली सेना ने दावा किया है कि इनमें से अधिकांश को हवा में ही नष्ट कर दिया गया और कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ। इसके जवाब में इजरायल ने भी ईरान में हवाई हमले जारी रखे और एक और बड़े हमले की चेतावनी दी है।
इस बीच, अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक सोशल मीडिया पोस्ट के ज़रिए इजरायल-ईरान युद्ध को रोकने की इच्छा जताई है। उन्होंने कहा कि जैसे उन्होंने अपने पहले कार्यकाल में भारत-पाकिस्तान और सर्बिया-कोसोवो के बीच शांति स्थापित की थी, वैसे ही वह अब इजरायल और ईरान के बीच भी समझौता कराना चाहते हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि इस दिशा में कई कॉल और बैठकें हो रही हैं।
ट्रंप बोले – ईरान-इजरायल की जंग रुकवाऊंगा
डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी पोस्ट में लिखा, “मैंने मिस्र और इथियोपिया के बीच नील नदी विवाद में भी मध्यस्थता कर हिंसा रोकी थी। अब मैं इजरायल और ईरान के बीच शांति स्थापित करने की कोशिश कर रहा हूं। मैं श्रेय नहीं लेता, लेकिन लोग जानते हैं कि मैं क्या कर रहा हूं।” उन्होंने आगे कहा कि पश्चिम एशिया को फिर से महान बनाना उनका संकल्प है।
यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली न्यूक्लियर डील की बातचीत का छठा दौर रविवार को रद्द कर दिया गया। ओमान में होने वाली इस बातचीत के रद्द होने से हालात और बिगड़ते नजर आ रहे हैं।
तेहरान में पांच धमाके, ईरान ने इजरायल को ठहराया जिम्मेदार
ईरान की राजधानी तेहरान में हाल ही में पांच कार बम धमाके हुए हैं। ईरानी सरकार ने इसके लिए सीधे तौर पर इजरायल को जिम्मेदार ठहराया है। इस बढ़ते खतरे को देखते हुए ईरान के अनुरोध पर इराक ने अपने एयर डिफेंस सिस्टम को सक्रिय कर दिया है। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने इराक से अपील की है कि वह इजरायल को अपने हवाई क्षेत्र का उपयोग करने से रोके ताकि ईरान पर हमला रोका जा सके।
परमाणु वैज्ञानिकों की मौत से और भड़का ईरान
शुक्रवार को इजरायल द्वारा किए गए हवाई हमले में ईरान के कई परमाणु वैज्ञानिकों और सैन्य जनरलों की मौत हुई है। ईरान का दावा है कि इजरायल ने उसके दो तेल रिफाइनरियों पर भी हमले किए हैं। इससे ईरान में आक्रोश और अधिक बढ़ गया है और बदले की कार्यवाही के तहत उसने इजरायल के मध्य क्षेत्रों को निशाना बनाया।
पश्चिम एशिया के लिए खतरनाक मोड़
ईरान और इजरायल के बीच यह बढ़ता टकराव पूरे पश्चिम एशिया को अस्थिरता की ओर ले जा सकता है। जिस तरह से दोनों देश मिसाइलें और हवाई हमले कर रहे हैं, उससे एक लंबे और विनाशकारी युद्ध की आशंका तेज हो गई है। वहीं, अमेरिका और अन्य वैश्विक शक्तियां हालात को काबू में लाने की कोशिश में लगी हैं, लेकिन फिलहाल कोई ठोस सफलता मिलती नहीं दिख रही।



