11 मई महाकाल आरती: रजत मुकुट व त्रिशूल से सजे भगवान महाकाल, भस्म आरती में श्रद्धालुओं ने किए दिव्य दर्शन , घर बैठे यहां कीजिए LIVE दर्शन
विशेष संवाददाता छमू गुरु की रिपोर्ट:
उज्जैन (शिखर दर्शन) // वैशाख माह की शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि पर रविवार सुबह श्री महाकालेश्वर मंदिर में भक्ति और श्रद्धा का अद्भुत संगम देखने को मिला। प्रातः 4 बजे मंदिर के कपाट खुलते ही भगवान महाकालेश्वर का जलाभिषेक कर दिव्य श्रृंगार और भस्म आरती संपन्न की गई।
सुबह सबसे पहले भगवान का जल, दूध, दही, घी, शहद और फलों के रस से बना पंचामृत से अभिषेक कर विधिवत पूजन किया गया। इसके बाद बाबा महाकाल को त्रिपुंड और त्रिशूल से अलंकृत किया गया। भस्म से श्रृंगार के उपरांत भगवान ने शेषनाग का रजत मुकुट, रजत की मुण्डमाल, रुद्राक्ष की माला और सुगंधित फूलों की माला धारण की। फल व मिष्ठान्न का भोग अर्पित कर विशेष पूजा-अर्चना की गई।
प्रातःकालीन भस्म आरती के दौरान मंदिर परिसर हर हर महादेव और जय महाकाल के जयघोष से गूंज उठा। सैकड़ों श्रद्धालुओं ने आरती में भाग लेकर भगवान के दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित किया। भक्तों ने नंदी महाराज के कान में अपनी मनोकामनाएं कहकर आशीर्वाद मांगा।
मंदिर का पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत नजर आया और बाबा महाकाल की भक्ति में लीन श्रद्धालुओं का समर्पण देखते ही बनता था।



