‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर CWC बैठक में बोले मल्लिकार्जुन खड़गे – वीर सैनिकों की बहादुरी को सलाम, सरकार के फैसलों का समर्थन , कहा — हम सरकार के साथ

नई दिल्ली // 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए पाकिस्तानी आतंकियों के क्रूर हमले के जवाब में भारत ने निर्णायक कार्रवाई करते हुए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को अंजाम दिया है। भारतीय सेना और वायु सेना की संयुक्त रणनीति से पाकिस्तान के बहावलपुर स्थित जैश-ए-मोहम्मद के मुख्यालय को पूरी तरह तबाह कर दिया गया। यह वही ठिकाना था, जहां से 2019 के पुलवामा हमले की साजिश रची गई थी। करीब 15 एकड़ में फैले इस आतंकी कैंप को एयरस्ट्राइक में निशाना बनाया गया, जिससे इमारत पूरी तरह ध्वस्त हो गई।
हमले में मसूद अजहर के परिवार के 10 सदस्य मारे गए:
सूत्रों के अनुसार, इस कार्रवाई में जैश सरगना मसूद अजहर के परिवार के 10 सदस्य भी मारे गए हैं। कार्रवाई के बाद मसूद अजहर ने गहरी निराशा जाहिर करते हुए कहा कि “यदि मैं भी मर गया होता तो अच्छा होता।” इस ऑपरेशन को पुलवामा, उरी और 26/11 जैसे हमलों का माकूल जवाब माना जा रहा है।
भारतीय सेना के साहस को राष्ट्रीय एकजुटता का समर्थन:
ऑपरेशन के बाद प्रधानमंत्री कार्यालय से लेकर विपक्ष तक, सभी दलों और नेताओं ने सेना की वीरता और निर्णायक कदम की प्रशंसा की है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रेस वार्ता में कहा कि वह सरकार और भारतीय सेना के साथ मजबूती से खड़े हैं। उन्होंने कहा, “हमारे वीर जवानों की बहादुरी पर गर्व है और हम सरकार के फैसले का समर्थन करते हैं। पाकिस्तान और पीओके के संबंध में भारत की नीति अडिग है।”

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी सेना को शुभकामनाएं देते हुए कहा, “हमारी सेनाओं को पूरा समर्थन है। उन्हें ढेर सारा प्यार। कांग्रेस पार्टी और कार्यसमिति पूरी तरह सेना के साथ खड़ी है।”
शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कहा:
“जो आतंकवादी पहलगाम में 26 महिलाओं के सिंदूर को मिटा गए, उनका सफाया सेना ने कर प्रतिशोध लिया है। भारत में छिपे पाकिस्तान समर्थित स्लीपर सेल्स को भी खत्म करना अब समय की मांग है। ऑपरेशन सिंदूर ने भारतीय सेना की असीम क्षमता को दर्शाया है। हम सेना को सलाम करते हैं।”
जम्मू-कश्मीर में आपात बैठक, देशभर में हाई अलर्ट:
ऑपरेशन के तुरंत बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने एक आपातकालीन बैठक बुलाई और सुरक्षा एजेंसियों को चौकसी बढ़ाने के निर्देश दिए। देशभर में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है, विशेष रूप से एयरपोर्ट्स और सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।
एयरलाइनों ने रद्द की उड़ानें:
देश की प्रमुख एयरलाइंस इंडिगो, स्पाइसजेट और एयर इंडिया ने संभावित सुरक्षा खतरों के चलते कई उड़ानों को रद्द कर दिया है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ा पाकिस्तान पर दबाव:
इस कार्रवाई के बाद अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान एक बार फिर पाकिस्तान की सरजमीं पर पल रहे आतंकवाद की ओर गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि अब पाकिस्तान पर वैश्विक दबाव बढ़ेगा कि वह आतंकी गतिविधियों को पनाह देना बंद करे। वहीं भारत किसी भी संभावित जवाबी कार्रवाई से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।
निष्कर्ष:
‘ऑपरेशन सिंदूर’ न केवल पहलगाम के निर्दोष नागरिकों के बलिदान का जवाब है, बल्कि यह संदेश भी है कि भारत अपनी सीमाओं और नागरिकों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करेगा। भारतीय सेना का यह साहसिक अभियान राष्ट्रीय गर्व का प्रतीक बन चुका है।



