ऑपरेशन सिंदूर: 25 मिनट में 9 आतंकी कैंप तबाह, कर्नल सोफिया कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने बताई पल पल की कार्रवाई की पूरी जानकारी

नई दिल्ली (शिखर दर्शन) //
भारतीय सेना ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकवादी हमले के जवाब में ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान में स्थित 9 आतंकी ठिकानों पर एयर स्ट्राइक की है। इस सटीक और निर्णायक कार्रवाई में करीब 90 आतंकियों को मार गिराया गया है। भारतीय सेना, एयरफोर्स और विदेश मंत्रालय की संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में ऑपरेशन की पूरी जानकारी दी गई, जिसमें कर्नल सोफिया कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने मीडिया को ऑपरेशन के सभी पहलुओं से अवगत कराया।
भारत-पाकिस्तान आतंकवाद संघर्ष:
कर्नल सोफिया कुरैशी ने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर का उद्देश्य उन निर्दोष पर्यटकों की हत्या का बदला लेना था, जो 22 अप्रैल को पहलगाम में आतंकवादी हमले का शिकार बने थे। इस ऑपरेशन में पाकिस्तान और पीओके में स्थित लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद के आतंकियों के प्रशिक्षण केंद्रों को निशाना बनाया गया। पाकिस्तान के उत्तर और दक्षिणी क्षेत्रों में स्थित इन आतंकवादी ठिकानों को समाप्त कर दिया गया है।
सटीक और जिम्मेदार कार्रवाई:
भारत ने अपने सभी सैन्य प्रयासों को सुनिश्चित करते हुए नागरिकों को कोई नुकसान न हो, इसका विशेष ध्यान रखा। कर्नल सोफिया ने कहा, “हमने पाकिस्तान के अंदर स्थित आतंकवादियों के ठिकानों को निशाना बनाया, जबकि किसी भी नागरिक या सैनिक ठिकाने को नुकसान नहीं हुआ।”
विशेष हथियारों का इस्तेमाल:
इस एयर स्ट्राइक में भारत ने आधुनिक हथियारों जैसे हैमर-स्कैल्प मिसाइलें और राफेल लड़ाकू विमानों का इस्तेमाल किया। ऑपरेशन में भारतीय वायुसेना और सेना के समन्वय से यह सुनिश्चित किया गया कि आतंकवादियों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई हो, जबकि नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई।
पीओके में आतंकवादी कैंपों का तख्तापलट:
इस दौरान सवाई नाला मुजफ्फराबाद में स्थित लश्कर का प्रशिक्षण केंद्र प्रमुख टारगेट था, जहां से आतंकवादी पहलगाम और अन्य भारतीय क्षेत्रों में हमले करने के लिए प्रशिक्षित हुए थे। इसके अलावा, अन्य आतंकवादी कैंप जैसे सैयदना बिलाल कैंप और कोटली गुरपुर कैंप को भी नष्ट किया गया।
भारत ने पाकिस्तानी आतंकवादियों को सख्त संदेश दिया:
विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने इस ऑपरेशन को एक कड़ा संदेश बताया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के भीतर स्थित आतंकवादी संरचनाओं के खिलाफ यह कार्रवाई जरूरी थी, क्योंकि पाकिस्तान इन ठिकानों को पनाह देने वाला देश बन चुका है। “हमने अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इस अधिकार का इस्तेमाल किया है,” मिस्री ने कहा।
सैन्य प्रेस कॉन्फ्रेंस का ऐतिहासिक पहलू:
इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारतीय सेना और एयरफोर्स की महिला अधिकारियों का योगदान ऐतिहासिक था, क्योंकि पहली बार सेना की प्रेस कॉन्फ्रेंस में एक मुस्लिम महिला अफसर कर्नल सोफिया कुरैशी और एक हिंदू महिला अफसर, विंग कमांडर व्योमिका सिंह, ने ऑपरेशन की जानकारी दी।
आतंकवादियों को जवाबदेह ठहराने की आवश्यकता:
इस कार्रवाई के बाद, भारत ने इस बात की पुष्टि की कि आतंकवादियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने के लिए यह जिम्मेदार और संतुलित उपाय था। यूएन ने भी आतंकवाद के इस निंदनीय कार्य के अपराधियों को जवाबदेह ठहराने का आह्वान किया है, और भारत ने इसे पूरी तरह से लागू किया।
निष्कर्ष:
ऑपरेशन सिंदूर, एक समयबद्ध और सटीक सैन्य अभियान था, जिसने पाकिस्तान में मौजूद आतंकवादियों को उनके पनाहगाहों में पूरी तरह से तबाह कर दिया। यह कार्रवाई भारतीय सेना, एयरफोर्स और सरकार की क्षमता और संकल्प का प्रतीक है, और यह स्पष्ट रूप से यह संदेश देती है कि भारत अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा और नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है।



