16 अप्रैल महाकाल आरती: गणेश स्वरूप में सजे बाबा महाकाल, भांग-चंदन और रजत आभूषणों से हुआ भव्य श्रृंगार
उज्जैन (शिखर दर्शन) //
वैशाख मास के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि पर बुधवार सुबह विश्वप्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में अलसुबह चार बजे मंदिर के कपाट खोले गए। कपाट खुलते ही पुजारियों ने विधिविधान से भगवान महाकाल का जलाभिषेक किया। इसके बाद दूध, दही, घी, शहद और फलों के रस से निर्मित पंचामृत से बाबा का पवित्र अभिषेक संपन्न हुआ।
इस विशेष अवसर पर बाबा महाकाल का श्रृंगार भगवान गणेश के स्वरूप में किया गया। श्रृंगार में भांग, चंदन और ड्रायफ्रूट का प्रयोग हुआ, जिससे बाबा का स्वरूप अत्यंत आकर्षक और दिव्य प्रतीत हो रहा था। बाबा को भस्म अर्पित की गई, और फिर उन्हें रजत निर्मित शेषनाग मुकुट, मुण्डमाल, रुद्राक्ष की माला तथा सुगंधित फूलों की माला पहनाई गई। साथ ही फल-मिठाई का भोग अर्पित किया गया।
सुबह की भस्म आरती में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भाग लिया और बाबा के दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित किया। श्रद्धालुओं ने नंदी महाराज के कान में अपनी मनोकामनाएं कही और आशीर्वाद प्राप्त किया। मंदिर परिसर ‘जय श्री महाकाल’, ‘हर हर महादेव’ और ‘ॐ नमः शिवाय’ के जयघोष से गूंजता रहा।
धार्मिक आस्था और आंतरिक शांति की अनुभूति कराने वाली यह आरती, हर श्रद्धालु के लिए एक अविस्मरणीय आध्यात्मिक अनुभव बन गई।



