बिलासपुर संभाग

छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट में पहली बार वर्चुअल सुनवाई की मिसाल, लखनऊ से जुड़े चीफ जस्टिस सिन्हा

छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट में ऐतिहासिक पहल: लखनऊ से वर्चुअल जुड़े चीफ जस्टिस, पहली बार वर्चुअली की डिवीजन व सिंगल बेंच की सुनवाई

बिलासपुर (शिखर दर्शन) // छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के इतिहास में एक ऐतिहासिक क्षण सामने आया, जब पहली बार किसी चीफ जस्टिस ने वर्चुअल माध्यम से डिवीजन और सिंगल बेंच दोनों की सुनवाई की। यह अभिनव पहल हाई कोर्ट के वर्तमान चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा द्वारा की गई, जिन्होंने पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच भी न्यायिक कर्तव्यों को सर्वोपरि रखते हुए लखनऊ से सीधे ऑनलाइन जुड़कर मामलों की सुनवाई की।

कोरोना काल में वर्चुअल सुनवाई की शुरुआत तो हुई थी, लेकिन उस दौरान केवल याचिकाकर्ताओं और अधिवक्ताओं को वर्चुअली जुड़ने की अनुमति थी। जजगण कोर्ट रूम से ही सुनवाई करते थे। मगर इस बार न्यायपालिका में एक नई मिसाल कायम हुई, जब खुद हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस अपने निवास स्थान लखनऊ से वर्चुअली जुड़े और न्यायिक कार्य को बिना बाधा के आगे बढ़ाया।

दरअसल, चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की माता की तबीयत खराब होने के कारण वे पिछले कुछ दिनों से उन्हें इलाज के लिए लखनऊ ले गए हैं। लेकिन इस पारिवारिक स्थिति के बावजूद उन्होंने न्यायिक कार्य में किसी प्रकार की देरी न होने देने का निर्णय लिया। उन्होंने रजिस्ट्रार जनरल को निर्देशित किया कि उनके अधीन लंबित डिवीजन बेंच और सिंगल बेंच के मामलों की सूची तैयार की जाए, जिससे वे निर्धारित समय पर वर्चुअली सुनवाई कर सकें।

निर्धारित समय पर डिवीजन बेंच में जस्टिस अरविंद वर्मा कोर्ट रूम में उपस्थित रहे, वहीं प्रमुख पक्षकारों और अधिवक्ताओं ने भी वर्चुअली जुड़कर अपनी दलीलें पेश कीं। सुनवाई के दौरान जस्टिस वर्मा और चीफ जस्टिस सिन्हा के बीच नियमित न्यायिक चर्चा होती रही। लंच ब्रेक के बाद चीफ जस्टिस ने सिंगल बेंच के मामलों की भी सुनवाई की।

यह पहल न्यायिक व्यवस्था में तकनीक के प्रभावी उपयोग और न्यायिक कर्तव्यों के प्रति समर्पण का बेहतरीन उदाहरण बन गई है। हाई कोर्ट के इस नवाचार को न्यायिक जगत में एक प्रेरक कदम के रूप में देखा जा रहा है।

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