’तेरे पेट में लात मारकर बच्चा गिरा दूंगा’… प्रेग्नेंट महिला ने AC चलाने को कहा तो भड़के ड्राइवर ने दी धमकी

नोएडा (शिखर दर्शन) // राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र से सटे नोएडा में एक गर्भवती महिला के साथ ओला कैब ड्राइवर द्वारा की गई शर्मनाक हरकत का मामला सामने आया है। पीड़िता के अनुसार, जब उसने चालक से एसी चालू करने का अनुरोध किया, तो वह भड़क गया और पेट पर लात मारकर गर्भपात कराने की धमकी दी। इसके बाद आरोपी ने महिला को बीच रास्ते में कैब से जबरन उतार दिया और मौके से फरार हो गया।
यह मामला तब सामने आया जब पीड़ित महिला ने अपना अनुभव सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म लिंक्डइन पर साझा किया। उसने लिखा कि उसकी केवल इतनी गलती थी कि दोपहर की भीषण गर्मी में उसने ड्राइवर से शीशे बंद कर एसी चलाने के लिए अनुरोध किया था।
महिला नोएडा एक्सटेंशन में रहती है और उस दिन दिल्ली के साकेत जाने के लिए ओला कैब बुक की थी। महिला के मुताबिक, जब उसने अपनी गर्भावस्था की स्थिति बताई, तब ड्राइवर ने आपा खो दिया और धमकी दी, “तेरे पेट पर लात मार दूंगा, बच्चा गिर जाएगा।” महिला ने जब विरोध किया तो उसे सड़क पर उतारकर कहा, “अब आगे देखो क्या होता है।”
पीड़िता किसी तरह साकेत पहुंची और इस भयावह अनुभव को सोशल मीडिया पर साझा करते हुए ओला और इसके सीईओ भविष अग्रवाल को टैग कर ड्राइवर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
ओला का जवाब
महिला की पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए ओला ने खेद जताया और कहा, “हमें आपकी यात्रा के दौरान हुई इस घटना के लिए अत्यंत दुख है। हमने ड्राइवर के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की है ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाएं न हों।” हालांकि, जब महिला ने यह जानना चाहा कि “उपयुक्त कार्रवाई” से कंपनी का क्या तात्पर्य है, तो इस पर कोई स्पष्ट उत्तर नहीं दिया गया।
सोशल मीडिया पर नाराजगी
महिला के पोस्ट पर सैकड़ों लोगों ने प्रतिक्रिया दी। एक उपयोगकर्ता ने लिखा, “इस तरह के व्यवहार की कोई माफी नहीं हो सकती। आपको ड्राइवर का नाम, गाड़ी का नंबर और तस्वीर साझा करनी चाहिए।” वहीं, कई लोगों ने ओला से पारदर्शिता और सख्त कदम उठाने की मांग की।
शिकायत दर्ज
महिला ने बताया कि उसने ओला कस्टमर केयर के साथ ही महिला हेल्पलाइन पर भी शिकायत दर्ज कराई है। उसने कहा, “इस प्रकार का व्यवहार न केवल अस्वीकार्य है, बल्कि बेहद डरावना और मानसिक रूप से पीड़ादायक भी है।”
यह घटना न केवल महिलाओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करती है, बल्कि कैब सेवाओं की जवाबदेही और निगरानी प्रणाली पर भी चिंता उत्पन्न करती है। अब देखना होगा कि ओला इस मामले में क्या ठोस कार्रवाई करता है और महिला को न्याय दिलाने में कितनी तत्परता दिखाता है।



