वक्फ बिल को मिला नया नाम, मोदी सरकार ने सेक्शन 40 हटाया, बोर्ड में 10 मुस्लिम और 4 अन्य धर्म के सदस्य होंगे

नई दिल्ली (शिखर दर्शन) // सोमवार दोपहर केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक 2025 पेश किया। इस विधेयक पर अब 8 घंटे की नॉनस्टॉप चर्चा जारी है, जिसमें NDA को 4 घंटे 40 मिनट का समय दिया गया है, जबकि बाकी वक्त विपक्ष को मिला है। इस दौरान किरेन रिजिजू ने कांग्रेस और विपक्ष पर करारा वार करते हुए बिल के लाभों को विस्तार से बताया।
‘उम्मीद’ नाम से होगा नए वक्फ बिल का आगाज
नए वक्फ बिल का नाम अब ‘उम्मीद’ (UMEED) रखा गया है, जिसे रिजिजू ने ‘नया सवेरा’ और ‘करोड़ों मुसलमानों के लिए लाभकारी’ बताया। उन्होंने कहा कि इस बिल के जरिए वक्फ संपत्तियों का ऑडिट किया जाएगा, जिससे असल में यह पता चलेगा कि वक्फ बोर्ड के पास कितनी संपत्तियां हैं। इस बिल का मुसलमानों द्वारा स्वागत किया गया है।
वक्फ बोर्ड में 10 मुस्लिम और 4 अन्य धर्म के सदस्य होंगे
विधेयक में वक्फ बोर्ड के गठन को लेकर भी कई अहम बदलाव किए गए हैं। अब वक्फ बोर्ड में 10 सदस्य मुस्लिम समुदाय से होंगे, जिनमें से 2 महिलाएं होना अनिवार्य किया गया है। इसके अलावा 4 सदस्य अन्य धर्म से होंगे। इस संशोधन के बाद बोर्ड में मुसलमानों के हर वर्ग से सदस्य शामिल होंगे। बोर्ड में 3 सांसद, 1 सदस्य बार काउंसिल से और 2 प्रोफेशनल्स भी होंगे।
वक्फ संपत्तियों पर लगाए जाएंगे नए प्रावधान
रिजिजू ने वक्फ संपत्तियों के संबंध में कई नई शर्तों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वक्फ प्रॉपर्टी को शेड्यूल 5 और शेड्यूल 6 क्षेत्रों में नहीं क्रिएट किया जा सकेगा, ताकि आदिवासी क्षेत्रों के अधिकारों का उल्लंघन न हो। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अगर वक्फ ट्रिब्यूनल के निर्णय से कोई असहमत होता है, तो अदालत का रास्ता खुला रहेगा।
विधेयक में सेक्शन 40 को हटाया गया
वक्फ संशोधन विधेयक में सेक्शन 40 को हटा दिया गया है, जिसके तहत वक्फ बोर्ड किसी भी भूमि को वक्फ प्रॉपर्टी घोषित कर सकता था। रिजिजू ने बताया कि इस प्रावधान का दुरुपयोग किया जाता था, जिससे विवाद पैदा होते थे।
महिलाओं और बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा
रिजिजू ने यह भी कहा कि वक्फ प्रॉपर्टी पर महिलाओं और बच्चों के अधिकारों का हनन नहीं होने दिया जाएगा। यह विधेयक समाज के हर वर्ग की सुरक्षा और कल्याण के लिए है। उन्होंने कांग्रेस और उसके सहयोगियों पर निशाना साधते हुए कहा कि यह बिल उनके द्वारा किए गए पुराने गलत फैसलों को सुधारने का प्रयास है।
इस विधेयक के पास होने के बाद वक्फ बोर्ड और उसकी संपत्तियों की स्थिति में बड़े बदलाव होंगे, जिससे वक्फ के सही और पारदर्शी प्रबंधन को सुनिश्चित किया जाएगा।



