रामलला ने थामी पिचकारी, भक्तों संग खेली होली

अयोध्या (शिखर दर्शन) // रंगों के महापर्व होली पर अयोध्या धाम में भक्ति और उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र में विराजमान संपूर्ण ब्रह्मांड के स्वामी प्रभु श्री रामलला सरकार ने भक्तों संग होली खेली। अलौकिक श्रृंगार में सजे रामलला ने धनुष की जगह पिचकारी धारण की, जिससे भक्तों का उत्साह चरम पर पहुंच गया।
होली के इस विशेष अवसर पर रामलला का दिव्य श्रृंगार किया गया। पूर्णिमा तिथि पर आयोजित इस अनोखे दर्शन के लिए देशभर से श्रद्धालु अयोध्या पहुंचे। भक्तों ने अबीर-गुलाल उड़ाकर प्रभु के साथ होली खेलने का आनंद लिया और भक्ति रस में डूब गए।
रामलला के विशेष पूजन और दर्शन की व्यवस्था
प्रभु श्रीरामलला के दर्शन सुबह से लेकर रात्रि शयन तक एक विशेष अनुशासन में होते हैं। दोपहर 12 बजे भोग आरती के बाद संध्या 7:30 बजे तक भक्त दर्शन कर सकते हैं। इसके बाद साढ़े सात बजे संध्या आरती और रात 8:30 बजे श्रीरामलला को शयन कराया जाता है।
रामलला के लिए चार पहर का विशेष भोग अर्पित किया जाता है, जिसमें हर समय के अनुसार अलग-अलग व्यंजन तैयार किए जाते हैं। इनका निर्माण राम मंदिर की पवित्र रसोई में होता है। सुबह का आरंभ ‘बाल भोग’ से होता है, जिसमें प्रभु को विशेष मिष्ठान्न परोसे जाते हैं।
भक्तों में भक्ति और उल्लास
फाल्गुन शुक्ल पूर्णिमा विक्रम संवत् 2081 (14 मार्च, शुक्रवार) के इस पावन अवसर पर रामलला सरकार का अलौकिक श्रृंगार देखकर श्रद्धालु भावविभोर हो गए। मंदिर प्रांगण में भक्तों ने “जय श्रीराम” के उद्घोष के साथ रंगों की वर्षा की और भक्ति रस में लीन हो गए।
अयोध्या में यह अनोखी होली हर वर्ष भक्तों के लिए विशेष आस्था और श्रद्धा का केंद्र बनती है। प्रभु श्रीरामलला की इस रंगोत्सव लीला के दर्शन करने वालों ने इसे दिव्य और अविस्मरणीय क्षण बताया।



