महाकुंभ में VVIP संस्कृति पर CM योगी सख्त, अधिकारियों को लगाई फटकार – बोले, नेताओं को जबरन प्रोटोकॉल न दें

लखनऊ (शिखर दर्शन) // महाकुंभ 2025 की तैयारियों को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार देर रात महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की, जिसमें प्रयागराज के शीर्ष अधिकारियों की जमकर क्लास लगी। बैठक के दौरान सीएम योगी ने खासतौर पर प्रयागराज जोन के एडीजी भानु भास्कर और एडीजी ट्रैफिक सत्यनारायण पर नाराजगी जताई। उन्होंने महाकुंभ के दौरान नेताओं, विधायकों और मंत्रियों को दिए जा रहे विशेष प्रोटोकॉल पर सख्त एतराज जताते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी सत्ताधारी दल के नेता को जबरन वीवीआईपी सुविधाएं न दी जाएं।
अव्यवस्था पर फूटा मुख्यमंत्री का गुस्सा
बैठक में मुख्यमंत्री योगी ने अधिकारियों को कड़े शब्दों में हड़काते हुए कहा कि पूरे प्रयागराज की व्यवस्था की जिम्मेदारी उन्हीं की थी, लेकिन महाकुंभ में भगदड़ की स्थिति और भीषण ट्रैफिक अव्यवस्था के लिए प्रशासन की लापरवाही स्पष्ट रूप से नजर आई। उन्होंने अफसरों को फटकार लगाते हुए कहा कि प्रमुख स्नान के दौरान कई उच्च अधिकारी मौके से नदारद रहे, जो गंभीर लापरवाही है। मुख्यमंत्री ने साफ संकेत दिए कि इस लापरवाही के चलते कई अधिकारियों पर निलंबन की कार्रवाई हो सकती है।
DGP ने सौंपी लापरवाह अधिकारियों की रिपोर्ट
सूत्रों के अनुसार, उत्तर प्रदेश के डीजीपी प्रशांत कुमार ने मुख्यमंत्री को उन अधिकारियों की रिपोर्ट सौंप दी है, जिनकी भूमिका महाकुंभ में संदिग्ध रही है। कुंभ के बाद इन अधिकारियों पर निलंबन की गाज गिर सकती है, जबकि कुछ का तबादला भी तय माना जा रहा है।
सख्त निर्देश – बिना कारण VIP प्रोटोकॉल नहीं
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट निर्देश दिए कि महाकुंभ श्रद्धालुओं के लिए है, न कि नेताओं और वीआईपी व्यक्तियों के लिए। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि नेताओं और मंत्रियों को जबरन विशेष सुविधाएं न दी जाएं, क्योंकि कुंभ में आम श्रद्धालुओं की सुविधा सर्वोपरि है।
मुख्यमंत्री के इस रुख से साफ है कि महाकुंभ में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई होगी।



