दिल्ली में BJP की ऐतिहासिक वापसी: 27 साल का वनवास खत्म, AAP के दिग्गज धराशायी, केवल आतिशी बचा पाईं साख

दिल्ली (शिखर दर्शन) // दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने ऐतिहासिक जीत दर्ज करते हुए 27 साल बाद सत्ता में वापसी कर ली है। इस प्रचंड जीत से आम आदमी पार्टी (AAP) का किला पूरी तरह ढह गया। बीजेपी की लहर में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल समेत कई दिग्गज नेता अपनी सीट नहीं बचा सके। सिर्फ आतिशी ही AAP की साख बचाने में कामयाब रहीं।
दिल्ली चुनाव में बीजेपी की जीत को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी और मजबूत नेतृत्व की विजय बताया जा रहा है। 5 फरवरी को जब दिल्ली में मतदान हो रहा था, उस दिन पीएम मोदी प्रयागराज के महाकुंभ में स्नान कर रहे थे। धार्मिक दृष्टि से यह दिन शुभ माना जाता है, और अब इसे बीजेपी की जीत के प्रतीक के रूप में देखा जा रहा है।
मोदी फैक्टर और जीत की गारंटी
दिल्ली में मिली इस अभूतपूर्व सफलता का श्रेय प्रधानमंत्री मोदी को दिया जा रहा है। बीजेपी नेताओं का कहना है कि मोदी की रैलियों और उनकी गारंटी ने जनता को पूरी तरह बीजेपी के पक्ष में कर दिया। पीएम मोदी ने अपनी चुनावी सभाओं में दिल्ली के विकास की गारंटी दी थी और जनता ने उन पर भरोसा जताया।
2024 के लोकसभा चुनाव में अपेक्षित सफलता न मिलने के बाद यह सवाल उठ रहे थे कि पीएम मोदी की लोकप्रियता में गिरावट आई है। लेकिन हरियाणा, महाराष्ट्र और अब दिल्ली में मिली भारी जीत से यह साफ हो गया है कि मोदी लहर बरकरार है और उनके सामने कोई मजबूत विपक्ष नहीं है।
AAP का गढ़ ढहा, दिग्गज नेताओं की करारी हार
बीजेपी की आंधी में आम आदमी पार्टी पूरी तरह उखड़ गई। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, मंत्री सौरभ भारद्वाज और सोमनाथ भारती सहित कई बड़े नेता हार गए।
AAP के हारे हुए बड़े चेहरे:
- अरविंद केजरीवाल – नई दिल्ली सीट से पराजित
- मनीष सिसोदिया – जंगपुरा सीट से हारे
- सौरभ भारद्वाज – ग्रेटर कैलाश सीट से पराजित
- सोमनाथ भारती – मालवीय नगर सीट से हारे
- दुर्गेश पाठक – राजेंद्र नगर सीट से पराजित
- सत्येंद्र जैन – शकूरबस्ती सीट से हारे
दिल्ली चुनाव 2025 के रोचक तथ्य
- बीजेपी ने 2020 में सिर्फ 8 सीटें जीती थीं, लेकिन 2025 में 6 गुना बढ़त के साथ 48+ सीटें हासिल कीं।
- केजरीवाल की नई दिल्ली सीट पर 20 उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई।
- भाजपा के पूर्व मुख्यमंत्रियों के बेटे प्रवेश वर्मा (नई दिल्ली) और हरीश खुराना (मोतीनगर) चुनाव जीत गए।
- कांग्रेस का लगातार तीसरी बार खाता नहीं खुला, केवल कस्तूरबा नगर में दूसरे स्थान पर रही।
बीजेपी की इस जीत के मायने
बीजेपी की यह ऐतिहासिक जीत दिल्ली की राजनीति में बड़े बदलाव का संकेत है। 27 साल बाद बीजेपी की सत्ता में वापसी ने साफ कर दिया कि जनता ने AAP के कामकाज को पूरी तरह नकार दिया है। अब बीजेपी दिल्ली के विकास के अपने वादों पर खरा उतरने के लिए पूरी ताकत लगाएगी।



