नीला गमछा और भगवा सदरी: संगम में डुबकी लगाकर क्या राजनीतिक संदेश दे गए मोदी ?

इलाहाबाद (शिखर दर्शन) // प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को महाकुंभ के अवसर पर संगम में आस्था की डुबकी लगाई। इस दौरान उनके पहनावे ने भी राजनीतिक हलकों में हलचल मचाई। मोदी ने नीला गमछा और भगवा सदरी पहनी थी, जिसे राजनीतिक विश्लेषक सवर्ण और दलित समुदायों को एकजुट करने के संकेत के रूप में देख रहे हैं।
मोदी का यह दिन चुनने का गणित भी खास था। उन्होंने 5 फरवरी को इसलिए चुना क्योंकि यह गुप्त नवरात्रि का सातवां दिन है, जो तिल-अक्षत दान के लिए विशेष रूप से महत्व रखता है। इस दिन दान करने से मोक्ष की प्राप्ति और आत्मा को सद्गति मिलती है, जो प्रधानमंत्री मोदी के संदेश के साथ मेल खाता है।
प्रधानमंत्री के इस पहनावे पर सियासी पंडितों ने इसे समाजवादी पार्टी (सपा) के पीडीए पर एक बड़ा प्रहार माना है। भगवा ब्रिगेड के इस नेतृत्वकर्ता के कपड़ों के जरिए उन्होंने अपनी राजनीतिक दिशा को और स्पष्ट किया है, जो सवर्ण और दलित दोनों वर्गों को साथ लाने की कोशिश प्रतीत हो रही है।
इस ऐतिहासिक अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने संगम में डुबकी लगाकर मां गंगा का आशीर्वाद लिया, साथ ही विश्व कल्याण की कामना की।



