महाकुंभ भगदड़ का मामला सुप्रीम कोर्ट में पहुंचा: याचिका में श्रद्धालुओं की सुरक्षा और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग

प्रयागराज ( शिखर दर्शन ) // महाकुंभ में हुई भगदड़ की घटना अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गई है। वकील विशाल तिवारी द्वारा दाखिल की गई याचिका में महाकुंभ के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और व्यवस्था पर जोर दिया गया है। याचिका में कहा गया है कि भगदड़ जैसी घटनाओं से बचने के लिए उचित प्रबंधन की आवश्यकता है और इस सिलसिले में सुविधा केंद्रों की स्थापना की मांग की गई है। इसके अलावा, लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की भी मांग की गई है। याचिका में वीआईपी मूवमेंट पर प्रतिबंध लगाने और प्रवेश तथा निकासी के लिए पर्याप्त स्थान की व्यवस्था करने की भी मांग की गई है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिए कड़े निर्देश: श्रद्धालुओं की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महाकुंभ मेला क्षेत्र और प्रयागराज के सभी स्टेशनों पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं को सुरक्षित रूप से उनके गंतव्य तक पहुंचाना उनकी जिम्मेदारी है और इसके लिए सभी मार्गों पर पर्याप्त पेट्रोलिंग और मेला स्पेशल ट्रेनों की व्यवस्था की जाए। इसके अलावा, होल्डिंग एरिया में भोजन और पानी की पर्याप्त व्यवस्था की जाने की भी बात कही गई है। योगी ने अन्य प्रमुख शहरों जैसे अयोध्या, वाराणसी और मिर्जापुर प्रशासन को भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं।
महाकुंभ में अनुभवी अधिकारियों की तैनाती: आशीष गोयल और भानु गोस्वामी की अहम भूमिका
महाकुंभ की व्यवस्था को सुचारु रूप से चलाने के लिए अब अनुभवी अधिकारियों की तैनाती की गई है। आईएएस आशीष गोयल और भानु गोस्वामी को तत्काल प्रयागराज पहुंचने के निर्देश दिए गए हैं। इन अधिकारियों ने पहले भी अर्धकुंभ मेला 2019 के दौरान सफलतापूर्वक व्यवस्थाओं को संभाला था। इसके साथ ही, 5 अन्य विशेष सचिव रैंक के अधिकारियों को भी कुंभ के आयोजन में शामिल किया गया है। हालांकि, पुलिस विभाग के अधिकारियों को अभी तक कुंभ में तैनात करने के आदेश नहीं दिए गए हैं।
जांच टीम का गठन: मुख्य सचिव और डीजीपी करेंगे रिपोर्ट सौंपना
महाकुंभ में हुई भगदड़ की घटना की जांच के लिए मुख्य सचिव और डीजीपी आज प्रयागराज जाएंगे और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अपनी रिपोर्ट सौंपेंगे।



