सीएम योगी ने केजरीवाल को दी यमुना में डुबकी लगाने की चुनौती, AAP को बताया ‘झूठ की ATM मशीन’

दिल्ली चुनाव प्रचार में सीएम योगी आदित्यनाथ की एंट्री: केजरीवाल पर निशाना, झूठ फैलाने की एटीएम बताया
दिल्ली (शिखर दर्शन) // विधानसभा चुनाव को लेकर प्रचार अभियान तेज हो गया है। इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिल्ली के चुनावी मैदान में प्रवेश करते हुए किराड़ी विधानसभा क्षेत्र में अपनी पहली रैली की। इस दौरान उन्होंने आम आदमी पार्टी और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर जमकर हमला बोला। योगी ने आप सरकार को “झूठ बोलने की एटीएम मशीन” करार दिया और कहा कि चुनाव के समय ही इन लोगों को पुजारी याद आते हैं।
योगी आदित्यनाथ ने अरविंद केजरीवाल को यमुना नदी में डुबकी लगाने की चुनौती दी। उन्होंने कहा, “एक मुख्यमंत्री के रूप में मैंने और मेरे 54 मंत्रियों ने प्रयागराज के संगम में डुबकी लगाई। मैं अरविंद केजरीवाल से पूछता हूं कि क्या वह भी अपने मंत्रियों के साथ यमुना में डुबकी लगाने की हिम्मत कर सकते हैं?”
‘AAP सरकार के पापों की कीमत जनता चुका रही है’
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि आम आदमी पार्टी ने दिल्ली में रोहिंग्या और बांग्लादेशी घुसपैठियों को बसाया है। दिल्ली की शिक्षा व्यवस्था और बुनियादी सुविधाओं को उन्होंने जर्जर बताते हुए कहा कि “दिल्ली की जनता आप सरकार के पापों की कीमत चुका रही है।” योगी ने आरोप लगाया कि नमामि गंगे परियोजना के तहत यमुना को स्वच्छ बनाने में केजरीवाल सरकार ने कोई सहयोग नहीं किया।
14 जनसभाएं करेंगे सीएम योगी
बीजेपी ने दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए 40 स्टार प्रचारकों की सूची जारी की है, जिसमें यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित 9 नेताओं को शामिल किया गया है। योगी आदित्यनाथ 14 जनसभाएं करेंगे, जिनमें किराड़ी, उत्तम नगर, जनकपुरी, शाहदरा, द्वारका, बिजवासन, पालम और पटपड़गंज जैसे क्षेत्रों में रैलियां शामिल हैं। 23 जनवरी को उनकी पहली रैली किराड़ी में हुई।

5 फरवरी को मतदान, 8 फरवरी को नतीजे
दिल्ली विधानसभा की 70 सीटों पर एक चरण में 5 फरवरी 2025 को मतदान होगा और नतीजे 8 फरवरी को घोषित किए जाएंगे। बीजेपी ने योगी आदित्यनाथ, पीएम नरेंद्र मोदी, राजनाथ सिंह और हेमा मालिनी जैसे प्रमुख चेहरों को प्रचार अभियान के लिए मैदान में उतारा है।
दिल्ली चुनावी दंगल में सीएम योगी के बयानों ने आम आदमी पार्टी और बीजेपी के बीच राजनीतिक गर्मी बढ़ा दी है। अब देखना होगा कि यह आक्रामक प्रचार रणनीति भाजपा के लिए कितना कारगर साबित होती है।



