श्री सीमेंट से गैस रिसाव: 38 बच्चों की तबीयत बिगड़ी, पूर्व सीएम बघेल ने सरकार पर कसा तंज, कहा- बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करें

बलौदाबाजार: सीमेंट संयंत्र से गैस रिसाव, 38 बच्चों की तबीयत बिगड़ी, दो की हालत गंभीर
बलौदाबाजार (शिखर दर्शन) // जिले के सुहेला स्थित खपराडीह स्कूल में गैस रिसाव के कारण 38 बच्चों की अचानक तबीयत बिगड़ने का गंभीर मामला सामने आया है। बच्चों ने सांस लेने में तकलीफ, उल्टी और बेहोशी की शिकायत की, जिसके बाद उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। इनमें से दो बच्चों की हालत गंभीर बताई जा रही है।
घटना की जानकारी मिलते ही कलेक्टर दीपक सोनी और एसपी सहित प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने बच्चों का हालचाल जाना और सीमेंट संयंत्र से निकलने वाली गैस को लेकर ग्रामीणों की शिकायतों का संज्ञान लिया। क्षेत्र को सील कर दिया गया है और पर्यावरण एवं उद्योग विभाग की टीम को जांच के आदेश दिए गए हैं।
पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने सरकार पर साधा निशाना
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस घटना को लेकर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, “बलौदाबाजार से भयावह खबर सामने आ रही है। खपराडीह स्कूल के पास गैस रिसाव के कारण 40 से अधिक बच्चों की तबीयत खराब हो गई है। प्रशासन को समय रहते कदम उठाने चाहिए थे।”

ग्रामीणों ने संयंत्रों को बताया जिम्मेदार
ग्रामीणों ने पास के दो बड़े सीमेंट संयंत्रों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि संयंत्रों से निकलने वाले धुएं और रासायनिक तत्व हवा में घुलकर बच्चों की सेहत पर बुरा असर डाल रहे हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि तीन दिनों से स्कूल में बच्चों की तबीयत बिगड़ने की शिकायतें हो रही थीं, लेकिन प्रशासन ने इसे नजरअंदाज किया।
कलेक्टर ने दिए सख्त निर्देश
कलेक्टर दीपक सोनी ने बच्चों की स्थिति पर कहा कि फिलहाल हालात नियंत्रण में हैं। उन्होंने चिकित्सा अधिकारियों को बच्चों का उचित इलाज सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने जांच रिपोर्ट आने के बाद आवश्यक कार्रवाई की बात कही। बच्चों की पढ़ाई को प्रभावित न होने देने के लिए उन्हें दूसरे स्कूल में स्थानांतरित करने का निर्णय लिया गया है।
स्कूल प्रशासन की तत्परता
स्कूल प्रशासन ने घटना के तुरंत बाद बच्चों के परिजनों को सूचित कर उन्हें अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की। बच्चों ने तबीयत खराब होने का कारण सीमेंट संयंत्र से निकलने वाली बदबूदार गैस को बताया।
प्रशासन की जांच जारी
घटना के बाद पर्यावरण और उद्योग विभाग की टीम ने संयंत्रों से हो रहे प्रदूषण की जांच शुरू कर दी है। स्थानीय प्रशासन ने भी संयंत्रों से निकलने वाले धुएं और गैस की गुणवत्ता की जांच के निर्देश दिए हैं।
यह घटना क्षेत्र में औद्योगिक प्रदूषण के गंभीर प्रभाव को उजागर करती है और प्रशासन की जिम्मेदारी पर सवाल खड़े करती है। जांच के नतीजों पर आगे की कार्रवाई तय होगी।



