आरक्षक भर्ती घोटाला: एक और पुलिसकर्मी गिरफ्तार, कुल 15 आरोपी सलाखों के पीछे

राजनांदगांव (शिखर दर्शन) // छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में पुलिस आरक्षक भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी के मामले में एक और आरोपी की गिरफ्तारी हुई है। आरोपी पवन चौरे, जो स्वयं पुलिस आरक्षक है, को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया है। इस घोटाले में अब तक 15 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें 7 पुलिसकर्मी, 5 टेक्नीशियन और 2 महिला अभ्यर्थी शामिल हैं।

लालबाग थाने में आरक्षक भर्ती संवर्ग में गड़बड़ी को लेकर अपराध दर्ज किया गया था। जांच में सामने आया कि मशीन में छेड़छाड़ कर अभ्यर्थियों को अंक में लाभ पहुंचाया गया। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल चैट्स और गवाहों के बयानों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त सबूत जुटाए हैं।

आत्महत्या से उजागर हुआ घोटाला
पुलिस भर्ती में गड़बड़ी का खुलासा तब हुआ जब आरक्षक अनिल कुमार रत्नाकर ने 21 दिसंबर को फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। अनिल ने अपने हाथ पर लिखा था कि इस घोटाले में केवल कर्मचारियों को फंसाया जा रहा है, जबकि अधिकारी भी शामिल हैं।
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) दीपक कुमार झा ने विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया है। एसआईटी को 10 दिनों के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं, जिसके तहत लगातार कार्रवाई जारी है।
मामले में अब तक 15 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं, और जांच के दौरान और भी खुलासे होने की संभावना है।



