मध्यप्रदेश

2025 में मोहन कैबिनेट की पहली बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय, इन प्रस्तावों को मिली मंजूरी

भोपाल (शिखर दर्शन) // मध्य प्रदेश की मोहन कैबिनेट की बैठक में नए साल 2025 के पहले बड़े फैसले लिए गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को मंत्रिमंडल की बैठक में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की और प्रदेश सरकार ने कई अहम प्रस्तावों पर मुहर लगाई।

स्वामी विवेकानंद शक्ति मिशन की घोषणा
बैठक के दौरान, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश में स्वामी विवेकानंद जयंती के अवसर पर स्वामी विवेकानंद शक्ति मिशन की शुरुआत का ऐलान किया। यह मिशन विशेष रूप से युवाओं को रोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से शुरू किया जाएगा। केंद्रीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिशा-निर्देशों के तहत राज्य सरकार ने युवाओं के आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में यह कदम उठाया है। मिशन का उद्देश्य प्रदेश के युवाओं को तकनीकी शिक्षा और कौशल से जोड़कर उन्हें रोजगार के अवसर प्रदान करना है। यह मिशन 12 जनवरी से लागू होगा और तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विभाग इसकी निगरानी करेगा।

युवाओं के वित्तीय समर्थन पर जोर
मंत्रिमंडल की बैठक में युवाओं के लिए वित्तीय व्यवस्था और प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी पर भी चर्चा की गई। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बताया कि सरकार युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए वित्तीय मदद की व्यवस्था भी करेगी। इसके अलावा, किसानों से जुड़े उपक्रमों की वृद्धि पर भी विचार किया गया, जिसमें सांची और केंद्रीय डेयरी विकास बोर्ड के बीच समन्वय की बात की गई। इस कदम से दूध उत्पादन और पैकेजिंग के साथ-साथ बाजार में इसकी बेहतर मार्केटिंग सुनिश्चित की जाएगी।

सांची ब्रांड को बढ़ावा और रोजगार सृजन
कैबिनेट बैठक में सांची ब्रांड को आगे बढ़ाने के लिए प्रोफेशनल लोगों को जोड़ने की योजना बनाई गई है। इसके तहत किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए सांची को ब्रांड के रूप में स्थापित किया जाएगा, जिससे रोजगार के नए अवसर भी उत्पन्न होंगे। इसके साथ ही सरकार किसानों को सही नस्ल के पशुधन खरीदने के लिए लोन भी उपलब्ध कराएगी।

यूनियन कार्बाइड कचरे पर चर्चा
बैठक में भोपाल गैस कांड के कचरे के निपटारे पर भी चर्चा हुई। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि कोर्ट ने कचरा जलाने के लिए 6 हफ्ते का समय दिया है, और इसके निष्पादन के लिए सामाजिक संगठनों और विशेषज्ञों से चर्चा की जाएगी।

16वां फाइनेंस कमीशन
कैबिनेट ने आगामी 16वें फाइनेंस कमीशन की चर्चा भी की, जिसमें केंद्रीय वित्तीय सहायता की संभावनाओं पर विचार किया गया। मुख्यमंत्री ने सभी विभागों को फाइनेंस कमीशन से मिलने वाले फंड का सही उपयोग करने के लिए तैयारी करने के निर्देश दिए। इसके अलावा, गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा देने के लिए युवाओं को नई दिशा और कौशल प्रदान करने की दिशा में सरकार काम कर रही है।

इन सभी निर्णयों के साथ, मोहन कैबिनेट ने प्रदेश के विकास को गति देने और युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।

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