बिलासपुर के वार्ड 69 से पिछड़ा वर्ग सीट पर अजय रजक बने भाजपा के प्रबल दावेदार

बिलासपुर (शिखर दर्शन) // रेलवे परिक्षेत्र के वार्ड नंबर 69, जो हमेशा से सामान्य सीट रहा है, इस बार पिछड़ा वर्ग सीट घोषित किया गया है। इस बदलाव के कारण भारतीय जनता पार्टी के नेता अजय रजक प्रबल दावेदार के रूप में उभरे हैं। अजय रजक न केवल भाजपा के वरिष्ठ नेता हैं, बल्कि सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्रों में उनकी मजबूत पकड़ है।
राजनीतिक अनुभव और सामाजिक योगदान :
अजय रजक रेलवे मंडल भाजपा के पिछड़ा वर्ग मोर्चा के अध्यक्ष रह चुके हैं। इसके साथ ही, वे बिलासपुर रजक समाज के स्वागत मंत्री के रूप में भी सेवाएं दे चुके हैं। उनके नेतृत्व में पिछड़ा वर्ग समाज ने कई मुद्दों पर सशक्त भूमिका निभाई है।
समाजों का व्यापक समर्थन :
रेलवे परिक्षेत्र में विभिन्न समाजों जैसे तेलुगु समाज, उत्कल समाज, यादव समाज, बंगाली समाज और भोजपुरी समाज की बड़ी संख्या है। इन सभी समाजों का अजय रजक को समर्थन प्राप्त है। इसके अलावा, लगभग 300 धोबी समाज के मतदाता भी क्षेत्र में मौजूद हैं, जो उन्हें एक मजबूत जनाधार प्रदान करते हैं।
लोकसभा और विधानसभा चुनावों में प्रभाव :
अजय रजक ने पिछले विधानसभा और लोकसभा चुनावों में भाजपा के पक्ष में भारी मतों के लिए उल्लेखनीय भूमिका निभाई थी। उनके प्रयासों को पार्टी और समाज दोनों ने सराहा।
अमर अग्रवाल के करीबी और पार्टी में मजबूत पकड़ :
अजय रजक भाजपा के वरिष्ठ नेता और बिलासपुर शहर के विधायक आदरणीय श्री अमर अग्रवाल के करीबी माने जाते हैं। उनके साथ मजबूत राजनीतिक समीकरण और पार्टी की रणनीति में उनकी भागीदारी उन्हें प्रबल दावेदार बनाती है।
पार्टी के निर्णय का स्वागत :
अजय रजक ने कहा कि पार्टी के निर्णय का वे सम्मान करते हैं और जो भी फैसला होगा, उसे सहर्ष स्वीकार करेंगे। उनके इस बयान ने उन्हें पार्टी और समाज के प्रति और भी जिम्मेदार और समर्पित नेता के रूप में प्रस्तुत किया है।
अजय रजक की उम्मीदवारी ने वार्ड नंबर 69 के राजनीतिक परिदृश्य में नई ऊर्जा भर दी है। उनके अनुभव, जनाधार और पार्टी नेतृत्व के साथ उनके संबंध उन्हें भाजपा के लिए एक सशक्त विकल्प बनाते हैं।



