प्रधानमंत्री मोदी अटल जयंती पर देंगे बुंदेलखंड को ऐतिहासिक सौगात: केन-बेतवा परियोजना का शिलान्यास और ओंकारेश्वर सौर परियोजना का लोकार्पण
भोपाल ( शिखर दर्शन ) // प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज खजुराहो की ऐतिहासिक धरती पर कदम रखेंगे, जहां 100वीं अटल जयंती के अवसर पर बुंदेलखंड को कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं की सौगात दी जाएगी। इनमें देश की पहली केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना का शिलान्यास और खंडवा जिले में ओंकारेश्वर फ्लोटिंग सौर परियोजना का लोकार्पण शामिल है। इन परियोजनाओं से क्षेत्रीय विकास को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
केन-बेतवा परियोजना: बुंदेलखंड का भविष्य
केन-बेतवा परियोजना के शिलान्यास के साथ ही बुंदेलखंड का आज का दिन इतिहास में दर्ज हो जाएगा। इस परियोजना से मध्य प्रदेश की 44 लाख और उत्तर प्रदेश की 21 लाख आबादी को पीने का पानी उपलब्ध होगा। साथ ही, परियोजना के तहत 103 मेगावाट जलविद्युत और 27 मेगावाट सौर ऊर्जा का उत्पादन होगा।
परियोजना में पन्ना टाइगर रिजर्व के पास 77 मीटर ऊंचा और 2.13 किलोमीटर लंबा दौधन बांध बनाया जाएगा, जिसमें 2,853 मिलियन घन मीटर जल भंडारण क्षमता होगी। इसके जरिए 2,000 गांवों की 8.11 लाख हेक्टेयर भूमि की सिंचाई होगी, जिससे 7 लाख किसान लाभान्वित होंगे।
मध्य प्रदेश के पन्ना, दमोह, टीकमगढ़, छतरपुर, निवाड़ी, सागर, रायसेन, विदिशा, शिवपुरी, और दतिया जिलों के किसानों को इससे सीधा फायदा मिलेगा।

पीएम मोदी का कार्यक्रम
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दोपहर 12:10 बजे खजुराहो पहुंचेंगे। यहां वे केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना का शिलान्यास करेंगे। इसके बाद खंडवा जिले में ओंकारेश्वर फ्लोटिंग सौर परियोजना का लोकार्पण और अटल ग्राम सुशासन भवनों का भूमि-पूजन करेंगे।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, राज्यपाल मंगूभाई पटेल, केंद्रीय जलशक्ति मंत्री सीआर पाटील, और सांसद वीडी शर्मा समेत अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम के बाद प्रधानमंत्री दोपहर 2:20 बजे दिल्ली रवाना होंगे।
ओंकारेश्वर फ्लोटिंग सौर परियोजना: ऊर्जा आत्मनिर्भरता की ओर कदम
खंडवा जिले के ओंकारेश्वर में निर्मित फ्लोटिंग सौर परियोजना को प्रधानमंत्री प्रदेश की जनता को समर्पित करेंगे। इस परियोजना का पहला चरण अक्टूबर 2024 में पूरा हो चुका है, जिसमें विद्युत उत्पादन प्रारंभ हो गया है।
दूसरे चरण में 240 मेगावाट क्षमता के लिए “सतलुज जल विद्युत निगम लिमिटेड” के साथ अनुबंध प्रस्तावित है। माँ नर्मदा के ऊपर स्थापित यह परियोजना प्रदेश को ग्रीन एनर्जी और ऊर्जा आत्मनिर्भरता की ओर एक बड़ा कदम है।
अटल ग्राम सुशासन भवनों का भूमि-पूजन
प्रधानमंत्री 1,153 अटल ग्राम सुशासन भवनों का भूमि-पूजन करेंगे और इसके लिए पहली किस्त का वितरण करेंगे। प्रदेश की 23,000 ग्राम पंचायतों में से 2,500 पंचायतों को नवीन भवन की स्वीकृति दी गई है।
437.62 करोड़ रुपये की लागत से बनाए जा रहे इन भवनों को पंचायतों के प्रशासनिक कार्यों और ग्रामीण विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की सोच के अनुरूप यह पहल ग्रामीण प्रशासन को मजबूत और सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
बुंदेलखंड को ऐतिहासिक सौगात
प्रधानमंत्री मोदी की ये परियोजनाएं न केवल बुंदेलखंड क्षेत्र के विकास को गति देंगी, बल्कि प्रदेश की ऊर्जा, कृषि और जल प्रबंधन में भी नई क्रांति लाएंगी। अटल जयंती के अवसर पर यह सौगात स्वर्गीय वाजपेयी के सपनों को साकार करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।



