चलती ट्रेन में महिला ने दिया बच्चे को जन्म , धड़धड़ाती रेल में गूंज उठी किलकारी !
भोपाल रेलवे मंडल की तत्परता से नवजात और प्रसूता को मिला जीवनदान

भोपाल ( शिखर दर्शन ) // मध्य प्रदेश के भोपाल रेलवे मंडल ने तत्परता और कुशल प्रबंधन से एक प्रसूता और नवजात शिशु की जान बचाने का सराहनीय कार्य किया। यह घटना लोकमान्य तिलक-सीतापुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस (गाड़ी संख्या 12107) में यात्रा के दौरान हुई।
उत्तर प्रदेश के कानपुर निवासी धनीराम और उनकी गर्भवती पत्नी पूजा देवी स्लीपर कोच S-6 में बर्थ संख्या 49 पर यात्रा कर रहे थे। भुसावल और भोपाल स्टेशन के बीच तड़के 3:30 बजे पूजा देवी को अचानक प्रसव पीड़ा हुई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए ट्रेन के टिकट चेकिंग स्टाफ ने भोपाल मंडल के वाणिज्य नियंत्रण कक्ष को तुरंत सूचना दी। जानकारी मिलने पर पता चला कि पूजा देवी ने बच्चे को जन्म दिया है, लेकिन गर्भनाल अभी नहीं कटी थी।
सूचना मिलते ही वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ कटारिया ने तत्काल उप स्टेशन प्रबंधक (वाणिज्य) जावेद अंसारी को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। रेलवे अस्पताल भोपाल से डॉ. आशा चमनिया के नेतृत्व में एक मेडिकल टीम का गठन किया गया।

सुबह 5:58 बजे जब ट्रेन भोपाल स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 02 पर पहुंची, तब तक मेडिकल टीम और रेलवे स्टाफ पूरी तैयारी के साथ मौके पर मौजूद थे। मेडिकल टीम ने तुरंत कोच में पहुंचकर महिला और नवजात को प्राथमिक चिकित्सा प्रदान की। इसके बाद, उन्हें व्हीलचेयर और स्ट्रेचर की सहायता से प्लेटफॉर्म पर उतारा गया और बेहतर चिकित्सा सुविधा के लिए हमीदिया अस्पताल भेजा गया।

भोपाल रेलवे मंडल की मेडिकल टीम और स्टेशन स्टाफ की इस तत्परता ने मां और बच्चे दोनों को सुरक्षित रखा। रेलवे द्वारा समय पर की गई इस कार्रवाई की यात्रियों और परिजनों ने सराहना की है।
यह घटना न केवल रेलवे के कुशल प्रबंधन और मानवता का उदाहरण है, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा और देखभाल के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है।



