मध्यप्रदेश

अतिथि शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया में बदलाव, अब ऑनलाइन मोड से होगी नियुक्ति

भोपाल ( शिखर दर्शन )// मध्यप्रदेश स्कूल शिक्षा विभाग ने अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। विभाग ने घोषणा की है कि अब से अतिथि शिक्षकों की भर्ती केवल ऑनलाइन मोड में होगी। पहले, ऑफलाइन प्रक्रिया के तहत नियुक्तियां की जा रही थीं, लेकिन लगातार उठ रहे विवादों और कठिनाइयों को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है।

इस बदलाव के बाद, भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से होगी, जिससे उम्मीदवारों को आवेदन में किसी भी प्रकार की कठिनाई का सामना नहीं करना पड़ेगा। हालांकि, यह प्रक्रिया नवंबर में जारी रहने की संभावना है, और अगले सत्र की परीक्षाओं के चलते परिणामों पर इसका असर हो सकता है।

नवीनतम नियमों के तहत भर्ती प्रक्रिया और परफार्मेंस की समीक्षा

आधिकारिक जानकारी के अनुसार, वर्तमान में जो अतिथि शिक्षक नियुक्त किए गए हैं या जिन्हें जल्द ही नियुक्त किया जाएगा, उन्हें छात्रों को पढ़ाने के लिए मुश्किल से तीन महीने का समय मिलेगा। इसके परिणामस्वरूप, वे कोर्स पूरा करने में सक्षम नहीं हो पाएंगे। शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी शिक्षक के द्वारा पढ़ाए गए विषय का परिणाम 30 प्रतिशत से कम आता है, तो उन्हें अगले सत्र में नियुक्त नहीं किया जाएगा। पिछली बार भी ऐसे करीब पांच हजार शिक्षकों को परफार्मेंस खराब होने के कारण हटा दिया गया था।

अतिथि शिक्षकों का विरोध: समय की कमी और असंतोष

अतिथि शिक्षकों ने इस पर असंतोष जताया है, उनका कहना है कि जो प्रक्रिया जून या जुलाई तक पूरी हो जानी चाहिए थी, वह अब नवंबर तक लंबित है। इससे उन्हें पढ़ाने के लिए पर्याप्त समय नहीं मिल पाएगा, और बीच में छुट्टियां भी पड़ेंगी। समय की कमी के कारण छात्रों की तैयारी पर भी प्रतिकूल असर पड़ेगा, जिसका परिणाम सीधे परीक्षा के परिणामों पर पड़ेगा। अतिथि शिक्षकों का कहना है कि उनका परफार्मेंस भी इस वजह से प्रभावित होगा।

आगे की योजना और सुधार

स्कूल शिक्षा विभाग इस समस्या का समाधान करने के लिए शिक्षक प्रशिक्षण और अन्य सुधारात्मक कदम उठाने पर विचार कर रहा है। विभाग की कोशिश है कि भविष्य में नियुक्तियों की प्रक्रिया और कार्यक्षमता को बेहतर किया जा सके ताकि छात्रों के शैक्षिक परिणामों पर सकारात्मक असर पड़े।

इस प्रकार, सरकार ने ऑनलाइन भर्ती प्रक्रिया को अपनाकर पारदर्शिता लाने की कोशिश की है, लेकिन इससे जुड़ी समस्याओं को हल करने के लिए और अधिक सुधार की आवश्यकता महसूस हो रही है।

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