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विनेश फोगाट ने कुश्ती से लिया संन्यास: ‘कुश्ती जीत गई , मैं हार गई’ – ओलंपिक डिस्क्वालिफिकेशन से निराश

भारतीय रेसलर विनेश फोगाट ने पेरिस ओलंपिक 2024 में डिस्क्वालिफाई होने के बाद कुश्ती से संन्यास का ऐलान किया है। गुरुवार सुबह 5:17 बजे X (पूर्व ट्विटर) पर एक भावुक पोस्ट में उन्होंने लिखा, “मां, कुश्ती ने मुझसे जीत लिया है, मैं हार गई हूं। आपके सपने और मेरी हिम्मत, सब टूट चुके हैं। अब और ताकत नहीं बची। अलविदा कुश्ती 2001-2024, मैं हमेशा आपकी ऋणी रहूंगी। माफ़ कीजिए।”

भारतीय रेसलर विनेश फोगाट ने पेरिस ओलंपिक 2024 में डिस्क्वालिफिकेशन के बाद कुश्ती से संन्यास का ऐलान किया है। गुरुवार सुबह 5:17 बजे X (पूर्व ट्विटर) पर एक भावुक पोस्ट में उन्होंने लिखा, “मां, कुश्ती ने मुझसे जीत लिया है, मैं हार गई। आपके सपने और मेरी हिम्मत, सब टूट चुके हैं। अब और ताकत नहीं बची। अलविदा कुश्ती 2001-2024, मैं हमेशा आपकी ऋणी रहूंगी। माफ़ कीजिए।”

विनेश फोगाट ने सेमीफाइनल में अपनी प्रतिद्वंदी को 5-0 से हराया था और ओलंपिक फाइनल के लिए क्वालीफाई करने वाली पहली भारतीय महिला पहलवान बनीं थीं।

डिस्क्वालिफिकेशन के खिलाफ की थी अपील

विनेश फोगाट ने कुश्ती से संन्यास का ऐलान करने से पहले बुधवार रात अपने डिस्क्वालिफिकेशन के खिलाफ अपील दायर की। उन्होंने कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन फॉर स्पोर्ट्स से अनुरोध किया कि उन्हें संयुक्त रूप से सिल्वर मेडल दिया जाए। पहले, विनेश ने फाइनल खेलने की मांग की थी, लेकिन बाद में उन्होंने अपनी अपील को बदलते हुए अब संयुक्त रूप से सिल्वर मेडल की मांग की।

आप हारी नहीं, हरायी गईं”: बजरंग पूनिया

पहलवान बजरंग पूनिया ने विनेश फोगाट की हौसलाअफजाई करते हुए कहा कि वे नहीं हारीं, बल्कि हराई गईं। उन्होंने ट्वीट किया, “विनेश, आप हारी नहीं हैं, बल्कि हराई गई हैं। हमारे लिए आप सदैव विजेता रहेंगी। आप भारत की बेटी और भारत का गर्व हैं।”

फाइनल में पहुंचकर रचा था इतिहास

29 वर्षीय महिला पहलवान विनेश फोगाट ने सेमीफाइनल में क्यूबा की पहलवान गुजमान लोपेज को 5-0 से हराकर फाइनल में प्रवेश किया, और इस तरह उन्होंने इतिहास रच दिया। वह ओलंपिक खेलों में ऐसा करने वाली पहली भारतीय महिला पहलवान बनीं। इस जीत के साथ ही उन्होंने कुश्ती के 50 किलोग्राम वर्ग में सिल्वर मेडल सुनिश्चित कर लिया था। पूरा देश इस बात से आश्वस्त था कि कम से कम एक मेडल पक्का हो चुका है।

रियो ओलंपिक में किया था डेब्यू

विश्व चैंपियनशिप की कांस्य पदक विजेता और राष्ट्रमंडल खेलों, एशियाई खेलों, और एशियाई चैंपियनशिप की स्वर्ण पदक विजेता, विनेश फोगाट भारतीय कुश्ती की सबसे सफल पहलवानों में से एक हैं। हालांकि, ओलंपिक खेलों में अयोग्य घोषित होने के बाद उनका सपना टूट गया। फोगाट बहनों में से एक, विनेश ने रियो 2016 में महिलाओं की 48 किग्रा फ्रीस्टाइल श्रेणी में ओलंपिक में डेब्यू किया था, लेकिन घुटने की गंभीर चोट के कारण उन्हें क्वार्टर फाइनल से हटना पड़ा था। टोक्यो 2020 में, महिलाओं के 53 किग्रा क्वार्टर फाइनल में जीत की प्रबल दावेदार मानी जा रही विनेश को एक बार फिर हार का सामना करना पड़ा। पेरिस ओलंपिक में भी वजन अधिक होने के कारण वह डिस्क्वालिफाई कर दी गईं।

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