“दिल्ली में नए कानूनों के तहत पहली FIR: गुटखा विक्रेता के खिलाफ आरोपी पर शिकायत दर्ज”

नए कानूनों के मुताबिक, कमला मार्किट थाने में दर्ज हुई FIR में बताया गया है कि एक व्यक्ति रेलवे स्टेशन के पास गुटखा बेच रहा था, जिसके खिलाफ सब इंस्पेक्टर ने शिकायत दर्ज की है। यह मामला पहला है जिसकी सुनवाई नए भारतीय न्याय संहिता और नागरिक सुरक्षा संहिता के अनुसार की जाएगी।
इसके साथ ही, नए कानून में कुल 21 नए अपराधों को शामिल किया गया है, जिसमें सजा और जुर्माने में भी वृद्धि की गई है। आपराधिक मामलों की सुनवाई के निर्णय का अब अधिक तेजी से आगाज़ होगा, जैसे कि 45 दिनों में फैसला आना होगा।
नए कानूनों के तहत, दिल्ली के कमला मार्किट थाने में पहली एफआईआर दर्ज की गई है, जिसमें एक व्यक्ति को रेलवे स्टेशन के पास गुटखा बेचते हुए पकड़ा गया है। पुलिस थाने के सब इंस्पेक्टर ने आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई है।
नए कानून जो 1 जुलाई, 2024 से लागू हुए हैं भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, और भारतीय साक्ष्य अधिनियम के तहत, दिल्ली के कमला मार्किट थाने में पहला केस दर्ज किया गया है। इसमें दर्ज हुआ है कि एक व्यक्ति रेलवे स्टेशन के पास गुटखा बेच रहा था। पुलिस थाने के सब इंस्पेक्टर ने आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज की है।

दर्ज FIR के मुताबिक, SI कार्तिक मीणा ने यह शिकायत दर्ज की है। इस दावे के अनुसार, सब इंस्पेक्टर ने क्षेत्र में पेट्रोलिंग करते समय नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के फुट ब्रिज के पास डीलक्स शौचालय के नजदीक पहुंचे। वहां एक व्यक्ति अपनी रेहड़ी लगाकर आम रास्ते पर पानी, बिड़ी, और सिगरेट बेच रहा था, जिसके कारण लोगों को वहां से गुजरने में परेशानी हो रही थी।
इस घटना के दौरान, SI ने रेहड़ी वाले को रास्ते से रेहड़ी हटाने के लिए कहा, परंतु रेहड़ी के मालिक ने अपनी मजबूरी बताई और वहां से चले गए। इसके बाद, सब इंस्पेक्टर ने रेहड़ी वाले के खिलाफ पुलिस थाने में मामला दर्ज करवाया।
नये कानून में ये हुए हैं बदलाव
नए कानून में धारा 375 और 376 की जगह बलात्कार की धारा 63 होगी। सामूहिक बलात्कार की धारा 70 होगी, हत्या के लिए धारा 302 की जगह धारा 101 होगी।भारतीय न्याय संहिता में 21 नए अपराधों को जोड़ा गया है, जिसमें मॉब लिंचिंग भी शामिल है।41 अपराधों में सजा को बढ़ाया गया है और 82 अपराधों में जुर्माना बढ़ाया गया है।आपराधिक मामलों में सुनवाई समाप्त होने के 45 दिनों के भीतर फैसला आएगा, पहली सुनवाई के 60 दिनों के भीतर आरोप तय किए जाएंगे।बलात्कार पीड़िताओं के बयान महिला पुलिस अधिकारी की ओर से पीड़िता के अभिभावक या रिश्तेदार की मौजूदगी में दर्ज किए जाएंगे।कानून में महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों पर एक नया अध्याय जोड़ा गया है, जिसमें बच्चे को खरीदना या बेचना एक जघन्य अपराध की श्रेणी में रखा गया है।
