अबूझमाड़ के जंगल में पुलिस ने मुठभेड़ में आठ नक्सलियों को मार गिराया, एक जवान घायल
अबूझमाड़ में पुलिस मुठभेड़ में 8 नक्सली ढेर, एक जवान घायल
नारायणपुर। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित इलाके अबूझमाड़, जिसे नक्सलियों की राजधानी भी कहा जाता है, के कुतुल, फरसबेड़ा और कोड़तामेटा के जंगलों में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच बड़ी मुठभेड़ हुई। इस मुठभेड़ में पुलिस ने 8 नक्सलियों को मार गिराया, जबकि एक जवान के भी घायल होने की सूचना है। यह मुठभेड़ दो दिन से जारी नक्सल विरोधी अभियान का हिस्सा थी, जिसमें कोंडागांव, नारायणपुर, दंतेवाड़ा और कांकेर जिलों की फोर्सेज शामिल थीं।
नक्सल विरोधी अभियान का विस्तार
इलाके में सुरक्षा बढ़ाने और नक्सल गतिविधियों को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षाबलों ने एक संयुक्त ऑपरेशन शुरू किया था। इस ऑपरेशन में इंडो-तिब्बतन बॉर्डर पुलिस (ITBP), डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड (DRG), और जिला पुलिस बल के जवानों ने मिलकर कार्य किया। कुतुल, फरसबेड़ा, और कोड़तामेटा जैसे कठिन और दुर्गम क्षेत्रों में नक्सलियों के छुपे होने की जानकारी पर यह अभियान चलाया गया था।
मुठभेड़ का घटनाक्रम
सूत्रों के अनुसार, सुरक्षाबलों को गुप्त सूचना मिली थी कि नक्सली इन जंगलों में बड़ी संख्या में एकत्रित हो रहे हैं। इसके बाद पुलिस ने इन इलाकों में एक विशेष ऑपरेशन की योजना बनाई और इसे लागू किया। जब सुरक्षाबल जंगलों में पहुंचे, तो नक्सलियों ने उन पर हमला कर दिया, जिसके जवाब में पुलिस ने भी मोर्चा संभाला। इस मुठभेड़ के दौरान 8 नक्सली मारे गए और एक जवान घायल हो गया।
घायल जवान और इलाके की सुरक्षा स्थिति
घायल जवान को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है। इलाके में सुरक्षा को और मजबूत कर दिया गया है और अतिरिक्त बल तैनात किए गए हैं ताकि नक्सली किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया न कर सकें।
अधिकारियों की प्रतिक्रिया
इस मुठभेड़ के बाद क्षेत्रीय पुलिस अधिकारी और सुरक्षा बलों के प्रमुखों ने इलाके का दौरा किया और अभियान में शामिल जवानों की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के अभियानों से नक्सल प्रभावित इलाकों में शांति और सुरक्षा बहाल करने में मदद मिलेगी। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि इलाके में नक्सलियों के खिलाफ ऐसी कार्रवाइयां जारी रहेंगी।
नक्सलियों के खिलाफ चल रही मुहिम
छत्तीसगढ़ का अबूझमाड़ क्षेत्र लंबे समय से नक्सलियों का गढ़ रहा है, जहां वे अपनी गतिविधियों को संचालित करते हैं। राज्य सरकार और सुरक्षाबल इन क्षेत्रों में नक्सलियों के खिलाफ लगातार अभियान चला रहे हैं ताकि शांति स्थापित की जा सके और स्थानीय लोगों को सुरक्षित माहौल प्रदान किया जा सके।
इस अभियान की सफलता ने सुरक्षाबलों के मनोबल को बढ़ाया है और यह दर्शाया है कि नक्सलियों के खिलाफ की गई ठोस कार्रवाइयों से उन्हें काबू में किया जा सकता है। पुलिस और सुरक्षाबल इस प्रकार के अभियानों को जारी रखते हुए इलाके में शांति और विकास की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।