15 जून श्री महाकाल भस्म आरती शृंगार दर्शन: भगवान श्री महाकालेश्वर का भांग, चन्दन, सिंदूर और आभूषण से गणेश स्वरूप में दिव्य श्रृंगार
उज्जैन //( शिखर दर्शन ) // मध्य प्रदेश के उज्जैन मे स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि पर शनिवार तड़के 4 बजे मंदिर के कपाट खोले गए। भगवान महाकाल का सबसे पहले पवित्र गंगा जल से अभिषेक किया गया , इसके बाद दूध, दही, घी, शहद और फलों के रस से बने पंचामृत से अभिषेक पूजन किया गया ।
भगवान महाकाल को भस्म चढ़ाई गई। इसके बाद भांग, चन्दन, सूखे मेवे, और सिंदूर से भगवान गणेश के स्वरूप में दिव्य श्रृंगार किया गया। श्री महाकाल ने शेषनाग का रजत मुकुट, रजत की मुण्डमाल, रुद्राक्ष की माला और सुगंधित फूलों की माला धारण की। श्री महाकाल को विभिन्न प्रकार के फलों के साथ उज्जैन शहर की प्रसिद्ध मिठाइयों का भोग भी लगाया गया ।

भस्म आरती मे सुबह से ही सैकड़ों श्रद्धालुओं ने दर्शन कर पुण्य लाभ प्राप्त किया। लोगों ने नंदी महाराज के दर्शन कर उनके समीप जा कर उनके कान में अपनी मनोकामनाएं कह कर बाबा भोले नाथ तक अपनी बात पहुँचने की प्रार्थना की। इस दौरान श्रद्धालु बाबा महाकाल के जयकारे जय जय श्री महाकाल , हर हर शंभू , हर हर महादेव , ॐ नमः शिवाय लगा रहे थे जिससे पूरा मंदिर परिसर गूंज रहा था।
