पत्नी के गर्भाशय में डॉक्टरों ने बिना जानकारी के लगाई कॉपर टी: तकलीफ बढ़ने पर अस्पताल पहुंची, सोनोग्राफी रिपोर्ट ने किया खुलासा
इंदौर // ( शिखर दर्शन ) // मध्य प्रदेश। इंदौर के खजराना इलाके में स्थित स्टार हेल्थ केयर अस्पताल से एक गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। अस्पताल ने एक महिला को बिना उसकी और उसके पति की सहमति के कॉपर टी लगा दी। जब यह मामला प्रकाश में आया, तो अस्पताल प्रबंधन ने इसे दबाने के लिए महिला को पैसे का प्रलोभन देना शुरू कर दिया। इस घटना को देखते हुए, कलेक्टर ने मामले की जांच के बाद उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। दरअसल, 23 वर्षीय महिला जब गर्भवती हुई, तो उसका पति उसे जांच के लिए खजराना स्थित लाइफ केयर अस्पताल ले गया। अस्पताल के डॉक्टरों ने जांच के दौरान न केवल महिला का गर्भपात कर दिया, बल्कि बिना किसी सहमति के उसके गर्भाशय में कॉपर टी भी लगा दी। जब कॉपर टी के कारण महिला को तकलीफ होने लगी, तो उसने सोनोग्राफी करवाई, जिससे यह तथ्य सामने आया। इसके बाद, पति-पत्नी दोनों ने अस्पताल प्रबंधन से कॉपर टी लगाने के बारे में सवाल-जवाब किया। स्पताल ने महिला को मुफ्त इलाज की पेशकश की, लेकिन कॉपर टी निकालने के दौरान डॉक्टरों ने उसकी बड़ी आंत और गर्भाशय को नुकसान पहुंचा दिया। इस पर पति गुलशन ने कलेक्टर जनसुनवाई में शिकायत दर्ज कराई थी। जब सीएमएचओ ने इस मामले की जांच के लिए नोटिस भेजा, तो अस्पताल प्रबंधन ने महिला को पैसे का प्रलोभन देना शुरू कर दिया। पति-पत्नी ने दोबारा कलेक्टर से इस मामले की शिकायत की। कलेक्टर आशीष सिंह ने बताया कि अस्पताल को नोटिस जारी कर दिया गया है और जवाब के लिए 10 दिन का समय शेष है। जवाब मिलते ही नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
क्या है कॉपर-टी
कॉपर-टी, जिसे कॉपर इंट्रायूट्राइन कॉन्ट्रासेप्टिव डिवाइस के नाम से भी जाना जाता है, एक प्लास्टिक का उपकरण है जिसका आकार T के समान होता है। इसे डॉक्टर गर्भाशय के अंदर स्थापित कर देते हैं, जिससे गर्भधारण रुक जाता है और महिला प्रेग्नेंट नहीं होती है। जब महिला गर्भधारण करना चाहती है, तो वह कॉपर-टी को हटवा सकती है।
