छत्तीसगढ़: सुरक्षाबलों ने मारी बड़ी बाजी, नौ नक्सली गिरफ्तार, कई वारदातों में थे शामिल
बीजापुर: सुरक्षाबलों ने नौ नक्सलियों को किया गिरफ्तार, बड़ी सफलता
बीजापुर // ( शिखर दर्शन ) // नक्सलियों के खिलाफ चलाए गए सर्च ऑपरेशन में सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता मिली है। डीआरजी, कोबरा 205, और सीआरपीएफ 196 बटालियन की संयुक्त टीम ने अलग-अलग जगहों से नौ नक्सलियों को गिरफ्तार किया है। इनमें से आठ को उसूर थाना क्षेत्र के विभिन्न स्थानों से पकड़ा गया, जबकि एक को नैमेड़ थाना क्षेत्र से हिरासत में लिया गया।
पुलिस द्वारा जारी बयान में कहा गया है:
“गिरफ्तार किए गए सभी नक्सली प्रतिबंधित माओवादी आंदोलन के सक्रिय सदस्य थे। ये लोग सुरक्षाबलों को निशाना बनाने के लिए आईईडी लगाने, सड़कों को नुकसान पहुंचाने और बैनर-पोस्टर लगाने जैसी घटनाओं में शामिल थे।”
केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की 196वीं बटालियन, कोबरा की 205वीं बटालियन, और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने उसूर में यह कार्रवाई की। गिरफ्तार किए गए नक्सलियों में सोना कुंजाम (40), अंडा कड़ती (30), मंगू मड़कम (24), संतोष कड़ती (25), सोना मुचाकी (22), हड़मा कड़ती (27), सुरेश मड़कम (28) और देवेंद्र मुचाकी (25) शामिल हैं। इन आठ लोगों ने पिछले महीने कई स्थानों पर उसूर-अवापल्ली सड़क को नुकसान पहुंचाने और माओवादी बैनर-पोस्टर लगाने जैसी गतिविधियों को अंजाम दिया था।
अवलम आयतु (49) को नैमेड़ इलाके से जिला रिजर्व गार्ड (डीआरजी) ने गिरफ्तार किया है। वह क्षेत्र में पुलिसकर्मियों पर हमले की घटनाओं में वांछित था।
सुरक्षा बलों का सफल अभियान:
इस सफल अभियान ने नक्सलियों के मनोबल को कमजोर किया है और क्षेत्र में शांति स्थापित करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। सुरक्षाबलों की इस मुहिम ने न केवल क्षेत्र में नक्सली गतिविधियों को नियंत्रित किया है, बल्कि स्थानीय जनता में भी सुरक्षा का भाव उत्पन्न किया है।
आगे की कार्रवाई:
गिरफ्तार किए गए नक्सलियों से पूछताछ की जा रही है और उनके अन्य साथियों और संभावित ठिकानों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। सुरक्षाबलों का यह अभियान जारी रहेगा ताकि क्षेत्र को नक्सलियों के प्रभाव से मुक्त किया जा सके और स्थायी शांति स्थापित हो सके।

