‘डामर’ नहीं, भ्रष्टाचार बिछाया है: फर्जी इनवॉइस से 18 करोड़ का घोटाला उजागर, EOW का बड़ा एक्शन

रीवा-मऊगंज में सड़क निर्माण के नाम पर खेल, 44 आरोपी बनाए गए
रीवा / मऊगंज (शिखर दर्शन) // मध्यप्रदेश के रीवा और मऊगंज में सड़क निर्माण के नाम पर बड़ा घोटाला सामने आया है। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) ने करीब 18 करोड़ रुपये के फर्जीवाड़े का खुलासा करते हुए 44 लोगों को आरोपी बनाया है।
जांच में सामने आया कि साल 2017 से 2021 के बीच सड़कों के निर्माण में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार किया गया। कागजों में उच्च गुणवत्ता का डामर दिखाया गया, जबकि हकीकत में घटिया सामग्री का उपयोग किया गया।
फर्जी इनवॉइस से किया गया खेल
जांच एजेंसी के अनुसार, Indian Oil Corporation Limited जैसी प्रतिष्ठित कंपनी के नाम पर फर्जी इनवॉइस तैयार किए गए। इन नकली बिलों के जरिए सरकारी खजाने से करोड़ों रुपये का भुगतान निकाला गया।
रीवा में 12.71 करोड़ और मऊगंज में 5.88 करोड़ रुपये की अनियमितता सामने आई है। इस तरह कुल मिलाकर 18 करोड़ से ज्यादा की राशि का गबन किया गया।
अफसर-ठेकेदार की मिलीभगत
इस मामले में तत्कालीन महाप्रबंधक, उपयंत्री और ठेकेदारों की मिलीभगत सामने आई है। सभी आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी (420), कूटरचना (467, 468) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।
जनता की सुरक्षा से खिलवाड़
यह घोटाला सिर्फ आर्थिक नुकसान तक सीमित नहीं है, बल्कि घटिया सड़कों के कारण आम लोगों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ गई है।
EOW की इस बड़ी कार्रवाई से प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है। अब देखना होगा कि इस मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है और दोषियों पर कितना सख्त एक्शन लिया जाता है।




