11 अप्रैल महाकाल आरती: राजाधिराज स्वरूप में सजे बाबा महाकाल, भस्म आरती में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब

रुद्राक्ष, पुष्पमाला और भस्म से हुआ दिव्य श्रृंगार, भक्तों ने घर बैठे किए दर्शन
उज्जैन ( शिखर दर्शन ) // विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में वैशाख माह के कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि पर शनिवार तड़के बाबा महाकाल के कपाट सुबह 4 बजे खोले गए। इसके बाद विधि-विधान से भस्म आरती संपन्न हुई, जिसमें भगवान महाकाल का भव्य और दिव्य श्रृंगार किया गया।
मंदिर के पट खुलते ही पुजारियों ने गर्भगृह में स्थापित सभी देवी-देवताओं का पूजन कर भगवान महाकाल का जलाभिषेक किया। इसके पश्चात दूध, दही, घी, शहद और फलों के रस से बने पंचामृत से अभिषेक कर विशेष पूजा-अर्चना की गई।
बाबा महाकाल का भांग, ड्रायफ्रूट, त्रिपुंड और त्रिनेत्र से अलंकरण कर राजाधिराज स्वरूप में सजाया गया। भस्म अर्पण से पूर्व मंत्रोच्चार के साथ हरिओम का जल अर्पित किया गया और ध्यान पूजन किया गया।
कपूर आरती के बाद ज्योतिर्लिंग को कपड़े से ढांककर भस्म रमाई गई। इसके पश्चात भगवान को रजत शेषनाग मुकुट, मुण्डमाल, रुद्राक्ष की माला और सुगंधित पुष्पों की मालाओं से सजाया गया, जिससे उनका दिव्य स्वरूप और भी आकर्षक नजर आया।
सुबह आयोजित भस्म आरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और बाबा महाकाल के दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित किया। श्रद्धालुओं ने नंदी महाराज के कान में अपनी मनोकामनाएं भी व्यक्त कीं। मंदिर परिसर जय जय श्री महाकाल , हर हर महादेव , ॐ नमः शिवाय के जयकारों से गूंज रहा था ।



