जग्गी हत्याकांड : अमित जोगी पर 20 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट में होगा अंतिम फैसला

वकीलों का दावा – बिना सुनवाई का अवसर दिए हाईकोर्ट ने सुनाया फैसला, SC ने संयुक्त सुनवाई तय की
रायपुर (शिखर दर्शन) // छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित राम अवतार जग्गी हत्याकांड में आज Supreme Court of India में सुनवाई हुई। कोर्ट ने Chhattisgarh High Court के 25 मार्च 2026 और 2 अप्रैल 2026 के फैसलों को एक साथ जोड़ते हुए 20 अप्रैल 2026 को संयुक्त अंतिम सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया है।
जस्टिस विक्रम नाथ और संजीव मेहता की पीठ में सुनवाई
इस मामले की सुनवाई जस्टिस Vikram Nath और जस्टिस Sanjeev Mehta की पीठ ने की।
अमित अजीत जोगी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता Kapil Sibal, Mukul Rohatgi, Vivek Tankha और Siddharth Dave उपस्थित हुए।
“प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का हुआ उल्लंघन”
बचाव पक्ष के वकीलों ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि हाईकोर्ट के दोनों फैसलों में प्राकृतिक न्याय के मूल सिद्धांतों का पालन नहीं किया गया।
- अमित जोगी को सुनवाई का अवसर नहीं दिया गया
- 6 नवंबर 2025 के सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्लंघन हुआ
वकीलों ने यह भी बताया कि 2 अप्रैल 2026 के फैसले में खुद यह उल्लेख है कि निर्णय बिना अमित जोगी को सुने पारित किया गया।
20 अप्रैल से पहले अपील दाखिल करने के निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया है कि अमित जोगी 20 अप्रैल से पहले अंतिम फैसले के खिलाफ अपील दाखिल करें, ताकि सभी मामलों की उसी दिन संयुक्त सुनवाई हो सके।
अमित जोगी ने सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले का स्वागत करते हुए भरोसा जताया कि उनके साथ हुआ अन्याय जरूर सुधारा जाएगा।
2003 में हुई थी रामावतार जग्गी की हत्या
4 जून 2003 को एनसीपी नेता Ram Avtar Jaggi की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में कुल 31 आरोपी बनाए गए थे, जिनमें से कुछ सरकारी गवाह बन गए थे।
- 2007 में रायपुर की विशेष अदालत ने सबूतों के अभाव में अमित जोगी को बरी किया था
- इसके खिलाफ याचिका दायर की गई, जिसके बाद मामला उच्च न्यायालय पहुंचा
कौन थे रामावतार जग्गी
रामावतार जग्गी एक कारोबारी पृष्ठभूमि से जुड़े नेता थे और पूर्व केंद्रीय मंत्री Vidyacharan Shukla के करीबी माने जाते थे।
जब शुक्ल कांग्रेस छोड़कर NCP में शामिल हुए, तब जग्गी भी उनके साथ पार्टी में गए और उन्हें छत्तीसगढ़ में कोषाध्यक्ष बनाया गया।
मामले में कई आरोपी दोषी करार
जग्गी हत्याकांड में कई आरोपियों को दोषी ठहराया जा चुका है, जबकि अमित जोगी का मामला अब सुप्रीम कोर्ट में अंतिम चरण में पहुंच गया है।
अब 20 अप्रैल को होने वाली सुनवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं, जहां इस बहुचर्चित मामले में अहम फैसला आ सकता है।




