करंट से ठेका श्रमिक की मौत: रिसाली में लापरवाही पर बवाल, महापौर ने बुलाई आपात बैठक

दुर्ग (शिखर दर्शन) // रिसाली क्षेत्र में विद्युत लाइन सुधार कार्य के दौरान हुए दर्दनाक हादसे ने नगर निगम की कार्यप्रणाली और सुरक्षा इंतजामों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना में 22 वर्षीय ठेका श्रमिक रोशन कुमार देवांगन की मौके पर ही करंट लगने से मौत हो गई। मामले को गंभीरता से लेते हुए महापौर शशि सिन्हा ने आपात बैठक बुला ली है।
चालू लाइन पर काम करते वक्त हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार, गणेश नगर इलाके में बिजली लाइन सुधार का काम चल रहा था। इसी दौरान रोशन देवांगन को चालू विद्युत लाइन पर कार्य कराया जा रहा था। अचानक करंट की चपेट में आने से वह बुरी तरह झुलस गया और उसे संभलने का मौका तक नहीं मिला। मौके पर मौजूद लोगों ने बचाने की कोशिश की, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
सुरक्षा इंतजामों की खुली पोल
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि मृतक को न तो पर्याप्त प्रशिक्षण दिया गया था और न ही जरूरी सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए गए थे। बिना सुरक्षा किट और निगरानी के हाई-रिस्क काम कराना ठेकेदार की बड़ी लापरवाही मानी जा रही है। स्थानीय लोगों और निगम कर्मचारियों ने भी आरोप लगाया है कि ठेका श्रमिकों से लगातार जोखिम भरे काम कराए जाते हैं, लेकिन सुरक्षा मानकों की अनदेखी होती है।
महापौर ने बुलाई इमरजेंसी मीटिंग
घटना के बाद महापौर शशि सिन्हा ने तत्काल आपात बैठक बुलाते हुए संबंधित विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों और महापौर परिषद के सदस्यों को तलब किया है। बैठक में ठेकेदार की भूमिका, सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता और कार्यस्थल पर नियमों के पालन की गहन समीक्षा की जाएगी।

महापौर ने स्पष्ट कहा है कि श्रमिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी तरह की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस जांच में जुटी
घटना की सूचना मिलते ही नेवई थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। पुलिस अब ठेका कंपनी, संबंधित अधिकारियों और सुरक्षा व्यवस्थाओं की जांच कर रही है, ताकि जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जा सके।



