15 साल की किशोरी का 35 वर्षीय व्यक्ति से विवाह, बाल संरक्षण विभाग ने रोका मामला

नागपुर में धार्मिक कार्यक्रम के दौरान हुआ बाल विवाह, किशोरी को सुरक्षित बालगृह भेजा गया; कई लोगों पर कार्रवाई की तैयारी
नागपुर (शिखर दर्शन) // महाराष्ट्र के नागपुर जिले में बाल विवाह का चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां 15 वर्षीय किशोरी की शादी 35 साल के व्यक्ति से करा दी गई। सूचना मिलते ही बाल संरक्षण विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए किशोरी को मुक्त कराया और मामले की जांच शुरू कर दी है।
स्कूल से सीधे शादी तक पहुंची किशोरी
जानकारी के अनुसार, नरखेड तहसील के मालापुर गांव में कक्षा 8वीं में पढ़ने वाली किशोरी 23 मार्च तक स्कूल जा रही थी। इसके बाद 24 मार्च से उसका स्कूल जाना बंद हो गया और 26 मार्च को एक धार्मिक कार्यक्रम के दौरान उसकी शादी कर दी गई।
बाल संरक्षण विभाग ने किया हस्तक्षेप
मामले की जानकारी मिलने पर बाल संरक्षण विभाग की टीम ने तत्काल जांच शुरू की। मुस्ताक पठान के नेतृत्व में टीम मौके पर पहुंची और किशोरी को अपने संरक्षण में लेकर बालगृह में सुरक्षित रखा गया। साथ ही उसका मेडिकल परीक्षण और बयान भी दर्ज किया गया है।
कई लोगों पर केस दर्ज की तैयारी

अधिकारियों के अनुसार, इस बाल विवाह में शामिल आयोजकों, परिजनों, पुजारी, बारातियों और अन्य सहयोगियों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया जाएगा। साथ ही उस महिला की भूमिका की भी जांच की जा रही है, जिसने इस विवाह को करवाने में अहम भूमिका निभाई।
पॉक्सो एक्ट के तहत भी कार्रवाई
जांच के आधार पर पुलिस ने लैंगिक अपराधों से बच्चों के संरक्षण कानून (POCSO Act) के तहत भी मामला दर्ज किया है। अधिकारियों का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
कम उम्र में शादी पर सख्ती का संदेश
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बाल विवाह एक गंभीर अपराध है और इसमें शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है।

