ब्रेन सर्जरी विवाद बढ़ा: बिरला अस्पताल के बाहर धरना, पत्रकार की पहल के बाद थमा हंगामा

गलत इलाज के आरोप, मारपीट की शिकायत; एम्बुलेंस में मरीज रखकर किया प्रदर्शन, प्रबंधन ने लौटाए पैसे
सतना (शिखर दर्शन) // सतना के प्रियंवदा बिरला हॉस्पिटल में ब्रेन सर्जरी के बाद भड़का विवाद उस वक्त शांत हुआ, जब स्थानीय समाजसेवी एवं पत्रकार विजय सिंह गहरवार ने हस्तक्षेप कर परिजनों और अस्पताल प्रबंधन के बीच बातचीत कराई। इससे पहले गलत इलाज के आरोपों को लेकर परिजनों ने अस्पताल गेट पर एम्बुलेंस में मरीज रखकर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। बढ़ते तनाव के बीच पत्रकार विजय सिंह गहरवार ने मध्यस्थता कर दोनों पक्षों को बातचीत के लिए तैयार किया, जिसके बाद समाधान का रास्ता निकला।
एम्बुलेंस में मरीज, गेट पर धरना
सभापुर थाना क्षेत्र के माजन गांव निवासी जमुनिया साकेत की सर्जरी के बाद हालत में सुधार नहीं होने से नाराज परिजन सीधे अस्पताल गेट पर पहुंच गए और मरीज को एम्बुलेंस में रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। तेज धूप में घंटों तक चले इस धरने से अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी मच गई।

मारपीट और अभद्रता के आरोप
परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए—
- गार्डों द्वारा मारपीट करने का आरोप
- महिलाओं से अभद्रता की शिकायत
- दबाव बनाकर मामला दबाने की कोशिश का दावा
स्थिति बिगड़ने पर कोलगवां, कोतवाली और सिविल लाइन थानों की पुलिस मौके पर पहुंची और हालात काबू में किए।
पत्रकार की पहल से बनी सहमति
बढ़ते तनाव के बीच पत्रकार विजय सिंह गहरवार ने मध्यस्थता कर दोनों पक्षों को बातचीत के लिए तैयार किया, जिसके बाद समाधान का रास्ता निकला।
दबाव में झुका प्रबंधन, लौटाए पैसे
जनदबाव और बातचीत के बाद अस्पताल प्रबंधन ने—
- इलाज में गड़बड़ी को लेकर सहमति जताई
- अस्पताल व दवाइयों के नाम पर लिए गए 1,87,307 रुपए लौटाने पर सहमति दी
- राशि चेक के माध्यम से वापस की गई
धरना समाप्त, मरीज को जबलपुर रेफर
समझौते के बाद परिजनों ने धरना खत्म किया और मरीज को बेहतर इलाज के लिए एम्बुलेंस से जबलपुर रवाना किया गया।
स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे सवाल
इस पूरे घटनाक्रम ने निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली, पारदर्शिता और मरीजों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल मामला शांत हो गया है, लेकिन इस घटना ने स्वास्थ्य सेवाओं की विश्वसनीयता पर बड़ा प्रश्नचिन्ह लगा दिया है।



