जग्गी हत्याकांड: हाईकोर्ट के फैसले पर बेटे सतीश जग्गी ने जताया संतोष, बोले – सत्य की जीत ही पिता को सच्ची श्रद्धांजलि

23 साल की कानूनी लड़ाई के बाद मिला न्याय, परिवार ने फैसले को बताया ऐतिहासिक
रायपुर (शिखर दर्शन) // बहुचर्चित रामअवतार जग्गी हत्याकांड में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के ताजा फैसले के बाद दिवंगत नेता रामअवतार जग्गी के पुत्र सतीश जग्गी ने संतोष व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि लंबे इंतजार के बाद उनके परिवार को न्याय मिला है और यह उनके पिता के लिए सच्ची श्रद्धांजलि है।
हाईकोर्ट द्वारा अमित जोगी को दोषी ठहराते हुए तीन सप्ताह के भीतर आत्मसमर्पण करने के निर्देश दिए जाने के बाद सतीश जग्गी ने कहा, “अंततः सत्य की जीत हुई है। यही हमारे पिता को सच्ची श्रद्धांजलि है।”
शुरुआत से CBI जांच की थी मांग
सतीश जग्गी ने बताया कि उन्होंने शुरू से ही इस मामले की जांच केंद्रीय एजेंसी से कराने की मांग की थी। उनका कहना है कि CBI ने साक्ष्यों के आधार पर मजबूत केस तैयार किया और अमित जोगी को मुख्य आरोपी बनाया।
उन्होंने याद किया कि हत्या के दिन ही उन्होंने तत्कालीन मुख्यमंत्री अजीत जोगी और अमित जोगी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई थी, लेकिन बाद में उनकी शिकायत को निरस्त कर दिया गया और मामले को भटकाने की कोशिश हुई।
पूर्व CM रमन सिंह का जताया आभार
सतीश जग्गी ने पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह का आभार जताते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में ही निष्पक्ष जांच के लिए मामला CBI को सौंपा गया, जिससे सच्चाई सामने आ सकी।
23 साल का संघर्ष, ‘सत्य’ बना सबसे बड़ा सहारा
अमित जोगी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए सतीश जग्गी ने कहा कि 23 वर्षों की यह लड़ाई आसान नहीं थी।
- एक सामान्य परिवार को प्रभावशाली राजनीतिक परिवार से मुकाबला करना पड़ा
- इस दौरान डर, दबाव और कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा
- लेकिन परिवार ने हार नहीं मानी
उन्होंने कहा, “हमारे पास कुछ नहीं था, सिर्फ सत्य था… और आज उसी सत्य की जीत हुई है।”
इस फैसले के बाद एक बार फिर यह मामला चर्चा में है और आने वाले समय में सर्वोच्च न्यायालय में इसकी आगे की दिशा पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी।



