डबल इंजन सरकार की ताकत से टूटा नक्सलवाद: CM साय ने PM मोदी और गृहमंत्री शाह को दिया श्रेय, पूर्व सरकार पर साधा निशाना

नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक जीत का दावा, कांग्रेस और राहुल गांधी पर भी तीखा हमला
रायपुर (शिखर दर्शन) // मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 31 मार्च को छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में ऐतिहासिक दिन बताया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश अब नक्सलवाद जैसे गहरे नासूर से बाहर निकलकर विकास, विश्वास और सुशासन के नए युग में प्रवेश कर रहा है।
मुख्यमंत्री साय ने इस उपलब्धि का श्रेय नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के मजबूत नेतृत्व, स्पष्ट रणनीति और अडिग इच्छाशक्ति को दिया। उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार के समन्वित प्रयास और सुरक्षाबलों के अदम्य साहस से यह संभव हो पाया है।
उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि यह तथ्यहीन है और अपनी विफलताओं को छिपाने का प्रयास है। मुख्यमंत्री के अनुसार, पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल में नक्सल विरोधी अभियान में अपेक्षित सहयोग और इच्छाशक्ति का अभाव रहा, जिससे स्थिति गंभीर बनी रही।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि दिसंबर 2023 में सरकार बदलने के बाद केंद्र और राज्य के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हुआ। इसके बाद गृहमंत्री अमित शाह के छत्तीसगढ़ दौरे में नक्सल प्रभावित क्षेत्रों की गहन समीक्षा की गई, जिसमें यह स्पष्ट हुआ कि देश में नक्सलवाद का बड़ा प्रभाव छत्तीसगढ़ में केंद्रित था।
उन्होंने कहा कि दशकों तक नक्सलवाद ने खासकर बस्तर क्षेत्र के विकास को बाधित किया। प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध होने के बावजूद यह क्षेत्र लगभग 40 वर्षों तक पिछड़ा रहा, लेकिन अब तेजी से विकास की मुख्यधारा में लौट रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद समाप्त करने का लक्ष्य अब जमीनी हकीकत में बदलता दिख रहा है। उन्होंने इसे राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में बड़ी सफलता बताते हुए कहा कि प्रदेश अब शांति, सुरक्षा और तेज विकास के नए दौर में प्रवेश कर चुका है।
राहुल गांधी पर भी साधा निशाना
मुख्यमंत्री राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि नक्सलवाद जैसे गंभीर मुद्दे पर उनका रुख भ्रम पैदा करने वाला है और उनकी मंशा पर सवाल खड़े करता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के दौरान नक्सल विचारधारा से जुड़े तत्वों के साथ मंच साझा करने जैसी घटनाओं ने देश को चिंतित किया है। साथ ही, नक्सली हिडमा के मारे जाने के बाद लगाए गए विवादित नारों और सोशल मीडिया पर साझा सामग्री को भी उन्होंने आपत्तिजनक बताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे कृत्य नक्सलवाद के प्रति नरमी या सहानुभूति का संकेत देते हैं, जो राष्ट्रहित के विपरीत है। उन्होंने कहा कि जब सुरक्षाबल देश की सुरक्षा के लिए बलिदान दे रहे हैं, तब इस प्रकार के संदेश दुर्भाग्यपूर्ण हैं।
मुख्यमंत्री साय ने अंत में कहा कि राज्य और केंद्र सरकार मिलकर नक्सलवाद के समूल उन्मूलन के लिए प्रतिबद्ध हैं और छत्तीसगढ़ तेजी से शांति, सुरक्षा और विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है।




