31 मार्च महाकाल भस्म आरती: बेलपत्र और भस्म से सजे बाबा महाकाल, राजा स्वरूप में हुआ दिव्य श्रृंगार

त्रयोदशी तिथि पर विशेष पूजन-अभिषेक, मंत्रोच्चार के बीच संपन्न हुई भव्य आरती
उज्जैन ( शिखर दर्शन ) // विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि सोमवार प्रातः 4 बजे मंदिर के कपाट खोले गए, जिसके साथ ही भगवान महाकाल की भस्म आरती विशेष श्रृंगार के साथ संपन्न हुई। इस अवसर पर बाबा महाकाल का दिव्य और भव्य श्रृंगार किया गया, जिसमें उन्हें राजा स्वरूप में सजाया गया।
मंदिर के पट खुलने के बाद पुजारियों ने गर्भगृह में स्थापित सभी देवी-देवताओं का विधिवत पूजन किया और भगवान महाकाल का जलाभिषेक किया। इसके पश्चात दूध, दही, घी, शहद और फलों के रस से बने पंचामृत से अभिषेक किया गया। भगवान महाकालेश्वर के मस्तक पर बेलपत्र और भस्म अर्पित कर आकर्षक श्रृंगार किया गया, जिससे उनका दिव्य स्वरूप और अधिक मनमोहक हो उठा।
भस्म अर्पण से पूर्व प्रथम घंटाल बजाकर हरिओम का जल अर्पित किया गया और मंत्रोच्चार के बीच भगवान का ध्यान किया गया। कपूर आरती के पश्चात ज्योतिर्लिंग को वस्त्र से ढांककर भस्म रमाई गई। इसके बाद शेषनाग का रजत मुकुट, रजत की मुण्डमाल, रुद्राक्ष की माला एवं पुष्पमालाओं से भगवान का अलंकरण किया गया। सुगंधित पुष्पों और आभूषणों से सजे बाबा महाकाल के दर्शन से श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे।
प्रातः कालीन भस्म आरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित किया। भक्तों ने नंदी महाराज के कान में अपनी मनोकामनाएं व्यक्त कर आशीर्वाद मांगा। इस दौरान मंदिर परिसर बाबा महाकाल के जयकारों से गूंजता रहा और पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा।




