रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर पर: डॉलर के मुकाबले 94 के पार, बाजार में बढ़ी चिंता

पश्चिम एशिया तनाव और महंगे कच्चे तेल का असर, RBI की हर चाल पर टिकी नजर
मुंबई ( शिखर दर्शन ) // भारतीय रुपया शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में बड़ी गिरावट के साथ अपने अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया। डॉलर के मुकाबले रुपया 33 पैसे टूटकर 94.29 पर पहुंच गया, जो इसका नया ऑल टाइम लो है। इससे पहले पिछले सत्र में रुपया 93.96 पर बंद हुआ था।
रुपये में यह गिरावट मुख्य रूप से पश्चिम एशिया में जारी तनाव और ऊर्जा आपूर्ति संकट की आशंका के चलते आई है। कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर बनी हुई हैं, जिससे भारत जैसे आयात-निर्भर देशों पर दबाव बढ़ रहा है। बीते एक महीने में रुपया करीब 3.5 प्रतिशत तक कमजोर हो चुका है, जो निवेशकों की चिंता को और बढ़ा रहा है।
विश्लेषकों का मानना है कि यदि वैश्विक तनाव लंबे समय तक जारी रहता है, तो इसका असर भारत की अर्थव्यवस्था पर भी पड़ सकता है। महंगाई बढ़ने की आशंका के बीच यह संकेत मिल रहे हैं कि भारतीय रिजर्व बैंक आने वाले समय में ब्याज दरों में बढ़ोतरी कर सकता है।
क्या आगे और गिरेगा रुपया?
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, यदि मौजूदा हालात बने रहते हैं तो रुपया आने वाले समय में 98 प्रति डॉलर के स्तर तक भी पहुंच सकता है। हालांकि यदि वैश्विक तनाव में कमी आती है, तो रुपये में 1 से 1.5 रुपये तक की रिकवरी भी संभव है। फिलहाल बाजार में अस्थिरता बनी रहने की संभावना जताई जा रही है।
RBI की भूमिका पर नजर
मुद्रा बाजार के जानकारों का कहना है कि भारतीय रिजर्व बैंक की गतिविधियों पर ट्रेडर्स की पैनी नजर बनी हुई है। हाल के दिनों में RBI ने स्पॉट और नॉन-डिलीवरेबल फॉरवर्ड (NDF) बाजारों में हस्तक्षेप कर रुपये को संभालने की कोशिश की है। आने वाले समय में भी केंद्रीय बैंक की रणनीति रुपये की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगी।

