तेजी के बाद क्यों टूटा बाजार: निफ्टी 300 अंक लुढ़का, जानिए आज की स्मार्ट ट्रेडिंग रणनीति

रेजिस्टेंस पर दबाव, सपोर्ट पर टिकी उम्मीद; एक्सपर्ट्स ने बताए अहम लेवल
मुंबई ( शिखर दर्शन ) // दो दिनों की तेजी के बाद आज शेयर बाजार में अचानक कमजोरी देखने को मिली, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ गई है। सुबह करीब 10 बजे सेंसेक्स 990 अंक गिरकर 74,283 के स्तर पर कारोबार करता दिखा, जबकि निफ्टी 300 अंक फिसलकर 23,006 के आसपास पहुंच गया। बाजार में गिरावट का दबाव व्यापक रहा, जहां अधिकांश शेयर लाल निशान में कारोबार करते नजर आए।
बाजार में इस गिरावट के पीछे वैश्विक संकेतों की कमजोरी, कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और भू-राजनीतिक तनाव को प्रमुख कारण माना जा रहा है। इसके साथ ही निफ्टी का 10-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (10DEMA) के नीचे बंद होना भी कमजोरी का संकेत दे रहा है। हालांकि विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की बिकवाली में कुछ कमी आई है और शॉर्ट कवरिंग भी देखने को मिली है, जिससे बाजार में “कंट्रोल्ड गिरावट” की स्थिति बन सकती है।
निफ्टी के लिए अहम स्तर और रणनीति
रेजिस्टेंस जोन – 23,461–23,533 (पहला), 23,609–23,716 (मुख्य)
सपोर्ट जोन (Base-1) – 23,166–23,232
सपोर्ट जोन (Base-2) – 22,967–23,049
विशेषज्ञों के अनुसार जब तक निफ्टी Base-1 के ऊपर बना रहता है, तब तक गिरावट सीमित रह सकती है। लेकिन इस लेवल के नीचे जाने पर बाजार और कमजोर हो सकता है। कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आने पर ही ऊपर की ओर मजबूत रैली की संभावना बन सकती है।
Bank Nifty के लिए ट्रेडिंग प्लान
रेजिस्टेंस जोन – 53,907–54,110 (पहला), 54,326–54,716 (मजबूत)
सपोर्ट जोन (Base-1) – 53,388–53,517
सपोर्ट जोन (Base-2) – 52,832–53,112
Bank Nifty फिलहाल 54,000 के आसपास संघर्ष कर रहा है, जहां भारी कॉल राइटिंग देखी जा रही है। यदि यह Base-1 के ऊपर बना रहता है, तो “कंट्रोल्ड गिरावट” या ब्रेकआउट की संभावना बनी रह सकती है। लेकिन इस लेवल के टूटने पर 52,832 की ओर गिरावट का रास्ता खुल सकता है।
विशेषज्ञों की सलाह है कि मौजूदा अस्थिर माहौल में निवेशक सतर्क रहें और स्पष्ट स्तरों के आधार पर ही ट्रेडिंग निर्णय लें, ताकि जोखिम को सीमित रखते हुए बेहतर अवसरों का लाभ उठाया जा सके।


