26 मार्च महाकाल भस्म आरती: कण-कण में महादेव, मस्तक पर चंद्र और ड्राईफ्रूट से दिव्य श्रृंगार

भक्तिमय माहौल में हुए दर्शन, महाकाल मंदिर में गूंजे जयकारे
उज्जैन // ( शिखर दर्शन न्यूज ) // चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि गुरुवार तड़के 4 बजे विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर के कपाट खोले गए। विशेष विधि-विधान के साथ भस्म आरती संपन्न हुई, जिसमें भगवान महाकाल का अलौकिक और दिव्य श्रृंगार किया गया।
भस्म आरती से पहले अभिषेक और पूजन
मंदिर के पट खुलने के बाद पुजारियों ने गर्भगृह में स्थापित सभी देवी-देवताओं का पूजन किया। इसके पश्चात भगवान महाकाल का जलाभिषेक किया गया। दूध, दही, घी, शहद और फलों के रस से बने पंचामृत से अभिषेक कर विधिवत पूजा-अर्चना की गई।
चंद्र, बेलपत्र और ड्राईफ्रूट से भव्य श्रृंगार
भगवान महाकाल के मस्तक पर चांदी का बेलपत्र अर्पित कर विशेष श्रृंगार किया गया। रजत शेषनाग मुकुट, मुण्डमाल, रुद्राक्ष की माला और सुगंधित पुष्पों के साथ ड्राईफ्रूट से अलंकरण कर बाबा को आकर्षक स्वरूप प्रदान किया गया।
मंत्रोच्चार के बीच भस्म रमाई
भस्म अर्पण से पूर्व प्रथम घंटाल बजाकर हरिओम का जल अर्पित किया गया। मंत्रोच्चार और ध्यान के बाद कपूर आरती संपन्न हुई। इसके पश्चात ज्योतिर्लिंग को कपड़े से ढांककर विधि-विधान से भस्म रमाई गई।
पहली किरण के साथ गूंजे महाकाल के जयकारे
भस्म आरती के दौरान सैकड़ों श्रद्धालुओं ने दर्शन कर पुण्य लाभ कमाया। श्रद्धालुओं ने नंदी महाराज के कान के पास जाकर अपनी मनोकामनाएं व्यक्त कीं। इस दौरान “जय श्री महाकाल” के जयकारों से पूरा मंदिर परिसर गुंजायमान रहा।




