गुजरात में UCC विधेयक पास, धोखाधड़ी से शादी पर 7 साल जेल; लिव-इन के लिए भी रजिस्ट्रेशन अनिवार्य

विधानसभा में लंबी बहस के बाद मंजूरी, विपक्ष ने किया विरोध; सरकार ने बताया ऐतिहासिक सुधार
गांधीनगर // ( शिखर दर्शन ) //
गुजरात विधानसभा ने समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक को मंजूरी दे दी है। करीब 7 घंटे की लंबी बहस के बाद यह बिल ध्वनिमत से पास किया गया, जिसके साथ ही गुजरात देश का दूसरा राज्य बन गया है जहां यूसीसी लागू किया गया है।
इस विधेयक के तहत शादी, तलाक, उत्तराधिकार और लिव-इन रिलेशनशिप को धर्म या समुदाय से अलग एक समान कानूनी दायरे में लाया गया है। नए कानून में धोखाधड़ी, दबाव या जबरदस्ती से की गई शादी पर 7 साल तक की सजा का प्रावधान किया गया है। साथ ही बहुविवाह पर भी रोक लगाई गई है।
बिल के अनुसार अब शादी और लिव-इन रिलेशनशिप के लिए रजिस्ट्रेशन अनिवार्य होगा। शादी के 60 दिनों के भीतर रजिस्ट्रेशन नहीं कराने पर जुर्माना और सजा दोनों का प्रावधान रखा गया है।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने इसे ऐतिहासिक कदम बताते हुए कहा कि यह कानून सभी नागरिकों पर समान रूप से लागू होगा और समान न्याय की दिशा में बड़ा सुधार है। उन्होंने कहा कि बेटियों और बेटों को समान उत्तराधिकार अधिकार मिलेगा और कानून के उल्लंघन पर सख्त दंड का प्रावधान रहेगा।
हालांकि इस विधेयक को लेकर विपक्ष ने कड़ा विरोध जताया। कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने इसे स्थायी समिति को भेजने की मांग की, लेकिन सत्ता पक्ष ने इसे खारिज कर दिया। कांग्रेस के विधायक इमरान खेड़ावाला ने इसे समुदाय के धार्मिक अधिकारों में हस्तक्षेप बताया, वहीं अन्य नेताओं ने इसे संवैधानिक गारंटी के खिलाफ बताया।
यह कानून ‘गुजरात समान नागरिक संहिता, 2026’ के नाम से लागू होगा और राज्य के साथ-साथ बाहर रहने वाले गुजरातियों पर भी प्रभावी रहेगा। हालांकि अनुसूचित जनजातियों और कुछ संरक्षित समूहों को इसके दायरे से बाहर रखा गया है।
गौरतलब है कि इससे पहले उत्तराखंड यूसीसी लागू करने वाला देश का पहला राज्य बना था। अब गुजरात के इस कदम को राष्ट्रीय स्तर पर भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

