सड़क निर्माण पर सियासत तेज: कांग्रेस ने लगाए भ्रष्टाचार के आरोप, भाजपा ने किया पलटवार

डोंगरगढ़-ढारा सड़क मरम्मत पर बवाल, गुणवत्ता और पारदर्शिता को लेकर उठे सवाल
डोंगरगढ़ // ( शिखर दर्शन ) //
राजनांदगांव जिले के डोंगरगढ़ से ग्राम ढारा तक बनने वाली सड़क एक बार फिर सियासी विवादों में घिर गई है। पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा सड़क मरम्मत कार्य शुरू होते ही कांग्रेस और भाजपा आमने-सामने आ गई हैं।
कांग्रेस ने इस निर्माण कार्य को “अच्छी सड़क को खराब कर नया निर्माण” बताते हुए भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। वहीं भाजपा ने इसे विकास कार्य करार देते हुए कांग्रेस पर केवल श्रेय लेने की राजनीति करने का आरोप लगाया है।
दरअसल, इस सड़क की हालत लंबे समय से खराब थी और जगह-जगह गड्ढों के कारण मरम्मत की मांग उठ रही थी। कांग्रेस ने इस मुद्दे को लगातार उठाया था। अब जब मरम्मत कार्य शुरू हुआ, तो उसकी गुणवत्ता और कार्यप्रणाली पर ही सवाल खड़े हो गए हैं।
कांग्रेस के पूर्व शहर अध्यक्ष विजय राज सिंह का कहना है कि जिन सड़कों की हालत ज्यादा खराब है, वहां काम करने के बजाय ठीक-ठाक सड़क को उखाड़ा जा रहा है। उन्होंने इसे संसाधनों की बर्बादी और भ्रष्टाचार की ओर इशारा बताया। साथ ही, टुकड़ों में सड़क निर्माण और कार्य में एकरूपता की कमी पर भी सवाल उठाए हैं।
वहीं भाजपा के शहर अध्यक्ष जसमीत बन्नोआना ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि निर्माण कार्य पहले से तय योजना के अनुसार बरसात के बाद कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि किसी को शिकायत है तो लिखित में दें, निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।
तकनीकी विशेषज्ञों ने भी इस मामले को लेकर चिंता जताई है। उनके अनुसार आरसीसी सड़क पर डामर की परत चढ़ाना स्थायी समाधान नहीं होता। कंक्रीट और डामर की अलग-अलग प्रकृति के कारण कुछ समय बाद सड़क में दरारें और उखड़ने की समस्या सामने आ सकती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कार्य सुधार से ज्यादा बजट खर्च करने जैसा लग रहा है। उन्हें आशंका है कि कुछ समय बाद सड़क की स्थिति फिर पहले जैसी हो सकती है।
फिलहाल, डोंगरगढ़-ढारा सड़क का मुद्दा अब सिर्फ निर्माण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह गुणवत्ता, पारदर्शिता और राजनीतिक जवाबदेही का बड़ा मुद्दा बन गया है। आने वाले समय में यह देखना अहम होगा कि यह सड़क लोगों को राहत देती है या फिर विवाद और गहराता है।

