टीईटी परीक्षा में 87 हजार शिक्षक शामिल, औसत अंक कम; विभागीय टेट आयोजित करने की मांग तेज

कठिन प्रश्नपत्र के चलते “पास” प्रतिशत गिरा, छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन ने जून-जुलाई में विभागीय टेट कराने की उठाई मांग
बिलासपुर // ( शिखर दर्शन ) //
छत्तीसगढ़ में आयोजित शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) के परिणामों ने शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा पैटर्न को लेकर नई बहस छेड़ दी है। परीक्षा में करीब 87 हजार शिक्षकों की भागीदारी रही, लेकिन औसत अंक 42 से 52 प्रतिशत के बीच ही सीमित रहे, जिससे यह संकेत मिला है कि प्रश्नपत्र का स्तर अपेक्षाकृत कठिन था।
छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा के अनुसार, प्राथमिक स्तर पर केवल 19 प्रतिशत और पूर्व माध्यमिक स्तर पर 20 प्रतिशत परिणाम सामने आया है। उन्होंने बताया कि बिना किसी अनिवार्यता के भी बड़ी संख्या में शिक्षकों ने स्वेच्छा से परीक्षा दी, लेकिन सफलता का प्रतिशत काफी कम रहा।
जानकारी के अनुसार, प्राथमिक शालाओं में कार्यरत लगभग 68 प्रतिशत सहायक शिक्षक और मिडिल स्कूल के करीब 62 प्रतिशत शिक्षक इस परीक्षा में शामिल हुए। इसके बावजूद केवल करीब 8 प्रतिशत शिक्षकों के ही उत्तीर्ण होने का अनुमान है।
एसोसिएशन का मानना है कि यह परीक्षा प्रतियोगी प्रकृति की थी और नियुक्ति के उद्देश्य से आयोजित की गई थी, इसलिए प्रश्नों का स्तर अधिक कठिन रखा गया। वहीं यदि विभागीय सीमित शिक्षक पात्रता परीक्षा आयोजित की जाती है, तो उसका स्वरूप अधिक व्यावहारिक और शिक्षकों के अनुभव पर आधारित हो सकता है।
संजय शर्मा ने कहा कि विभागीय टेट परीक्षा से शिक्षकों की सेवा सुरक्षा, पदोन्नति और न्यायालयीन जटिलताओं का समाधान संभव है। उन्होंने शासन से जल्द से जल्द विभागीय सीमित टेट परीक्षा आयोजित करने की मांग की है।
बताया गया कि डीपीआई द्वारा 13 मार्च 2026 को सभी जेडी और डीईओ को पत्र जारी कर शिक्षकों की जानकारी मांगी गई है, जिसके आधार पर परीक्षा की कार्ययोजना तैयार की जा रही है। हाल ही में एसोसिएशन का प्रतिनिधिमंडल डीपीआई अधिकारियों से मिला था, जहां इस मुद्दे पर विस्तृत चर्चा हुई।
एसोसिएशन ने सुझाव दिया है कि जून-जुलाई माह में परीक्षा आयोजित की जाए और प्रत्येक विकासखंड में आवश्यकतानुसार परीक्षा केंद्र बनाए जाएं, ताकि शिक्षक नजदीकी स्कूल में परीक्षा दे सकें।
साथ ही प्रस्तावित प्रावधानों में पेपर-1 और पेपर-2 का आयोजन, 100 बहुविकल्पीय प्रश्न, 3 घंटे की परीक्षा अवधि, OMR आधारित परीक्षा प्रणाली और सेवाकालीन शिक्षकों के लिए न्यूनतम 33 अंक उत्तीर्णांक रखने की बात कही गई है।
शिक्षक संगठनों का मानना है कि यदि विभागीय स्तर पर सरल, पारदर्शी और व्यावहारिक परीक्षा आयोजित की जाती है, तो अधिक से अधिक शिक्षक पात्रता हासिल कर सकेंगे और शिक्षा व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।



