अकीदत के साथ मनाई गई ईद, नमाज के बाद गले मिलकर दी बधाई

ईदगाह और मस्जिदों में उमड़ा जनसैलाब, अमन-चैन और भाईचारे की मांगी दुआ
बिलासपुर // ( शिखर दर्शन ) // शहर में शनिवार को ईद-उल-फितर का त्योहार पूरे हर्षोल्लास और अकीदत के साथ मनाया गया। मुस्लिम समुदाय के लोगों ने सुबह ईदगाह सहित विभिन्न मस्जिदों में नमाज अदा कर देश और दुनिया में अमन-चैन, शांति और भाईचारे की दुआ मांगी। नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद दी।
ईद के मौके पर शहर के घर-घर में सेवइयों और विभिन्न पकवानों की खुशबू फैली रही। लोगों ने अपने रिश्तेदारों और दोस्तों को दावत देकर त्योहार की खुशियां साझा कीं।
इससे पहले शुक्रवार को रमजान का आखिरी जुमा (अलविदा जुमा) अदा किया गया, जिसमें मस्जिदों में बड़ी संख्या में लोग जुटे और देश-प्रदेश में शांति व तरक्की की दुआ मांगी गई।
दरअसल, गुरुवार को रमजान के 29वें दिन चांद नजर नहीं आने के कारण ईद की तारीख एक दिन आगे बढ़ गई थी। इसके बाद घोषणा की गई कि 21 मार्च को ईद मनाई जाएगी।
ईदगाह में सुब्हानिया अंजुमन कमेटी की ओर से नमाज का आयोजन किया गया, जहां हज़रत अल्लामा मौलाना मुफ्ती अब्दुल अज़ीम ने इमामत की। उनके साथ मौलाना यूसुफ रजा बरकाती और हाफिज मोहम्मद फरीद अशरफी भी मौजूद रहे।
ईद को लेकर बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक में खासा उत्साह देखने को मिला। नए कपड़े पहनकर बच्चे भी नमाज में शामिल हुए और सभी ने मिलकर देश में सुख-शांति और भाईचारे की कामना की।
पूरे शहर में ईद का पर्व सौहार्द और आपसी प्रेम का संदेश देता नजर आया।



