आयुष्मान योजना पर उठे सवाल: राजधानी के बड़े अस्पतालों पर इलाज से इंकार के आरोप, विधानसभा में गूंजा मुद्दा

प्रदेश के बड़े अस्पतालों ने आयुष्मान योजना में इलाज से किया किनारा, स्वास्थ्य मंत्री बोले—जारी किए गए कारण बताओ नोटिस…
रायपुर (शिखर दर्शन) // एक ओर सरकार आयुष्मान योजना की सफलता का दावा कर रही है, वहीं दूसरी ओर राजधानी रायपुर के कई नामी अस्पतालों द्वारा योजना के तहत मरीजों का इलाज करने से इंकार किए जाने के मामले सामने आ रहे हैं। इस मुद्दे ने गुरुवार को विधानसभा में जोरदार तरीके से तूल पकड़ा।
प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस विधायक राघवेंद्र सिंह ने आयुष्मान योजना को लेकर कई अहम सवाल उठाए। उन्होंने राज्य में योजना के लाभार्थियों की संख्या, इलाज पाने वाले मरीजों का आंकड़ा, खर्च की गई राशि, लंबित भुगतान और शिकायतों की स्थिति पर विस्तृत जानकारी मांगी।
इस पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने लिखित जवाब में बताया कि प्रदेश में कुल 2.47 करोड़ आयुष्मान कार्डधारी हैं। वर्ष 2024 से 15 फरवरी 2026 तक योजना के तहत 22,59,995 हितग्राहियों का उपचार किया गया है। योजना में केंद्र सरकार का 60 प्रतिशत और राज्य सरकार का 40 प्रतिशत अंश शामिल है।
मंत्री ने यह भी स्वीकार किया कि योजना के तहत इलाज से इंकार करने की शिकायतें मिली हैं। राजधानी रायपुर के रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल, श्री नारायणा हॉस्पिटल और बालगोपाल हॉस्पिटल समेत कई अस्पतालों के खिलाफ शिकायतें दर्ज हुई हैं। इन मामलों में संबंधित अस्पतालों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है और कई मामलों की जांच अभी जारी है।
स्वास्थ्य मंत्री के मुताबिक, अब तक कुल 31 शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिन पर कार्रवाई की जा चुकी है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि आयुष्मान योजना के तहत मरीजों को इलाज से वंचित करने वाले अस्पतालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।



