ईरान-इजराइल जंग का 20वां दिन: मिसाइल हमलों से दहला तेल अवीव, ऊर्जा ठिकानों पर भी तेज हुआ संघर्ष

ईरानी मिसाइल हमलों से इज़राइल में मचा कोहराम: तेल अवीव सहित कई शहर निशाने पर, क्लस्टर बमों से इमारतें ध्वस्त
तेल अवीव (शिखर दर्शन) // अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जारी युद्ध अब और ज्यादा खतरनाक मोड़ ले चुका है। 20वें दिन यह संघर्ष केवल सैन्य टकराव तक सीमित नहीं रहा, बल्कि ऑयल और गैस ठिकानों को निशाना बनाए जाने से यह “ऊर्जा युद्ध” का रूप लेता जा रहा है।
अमेरिका और इजराइल जहां ईरान के ऊर्जा ठिकानों पर लगातार हमले कर रहे हैं, वहीं ईरान ने इसके जवाब में खाड़ी देशों के ऑयल और गैस इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाना शुरू कर दिया है। इसके साथ ही इजराइल पर भी ईरान के मिसाइल हमले लगातार जारी हैं।
गुरुवार सुबह ईरान ने इजराइल की राजधानी तेल अवीव समेत कई शहरों पर ताबड़तोड़ मिसाइलें दागीं। इन हमलों से कई इमारतें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं, जबकि कुछ पूरी तरह जमींदोज हो गईं। शुरुआती रिपोर्ट्स के अनुसार कई लोग घायल हुए हैं और कुछ के मलबे में फंसे होने की आशंका है। राहत और बचाव कार्य तेजी से जारी है।
बताया जा रहा है कि इजराइल का एयर डिफेंस सिस्टम अधिकांश मिसाइलों को रोकने में जुटा रहा, लेकिन कई मिसाइलें अपने लक्ष्य तक पहुंचने में सफल रहीं। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आसमान में तेज चमक और जोरदार धमाकों की आवाजें सुनी गईं, जिससे पूरे इलाके में दहशत फैल गई।
बुधवार देर रात भी इजराइल के मध्य क्षेत्रों में लगातार धमाके हुए। एयर रेड सायरन बजते ही लोग सुरक्षित ठिकानों की ओर भागते नजर आए। इजराइली सेना के अनुसार, ईरान ने बैलिस्टिक मिसाइलों की एक नई खेप दागी थी। कुछ जगहों पर क्लस्टर म्यूनिशन के इस्तेमाल की भी खबरें सामने आई हैं, जिससे आग लगने और बड़े पैमाने पर नुकसान की स्थिति बनी।
इस बीच, अमेरिका ने भी युद्ध को लेकर बड़ा कदम उठाया है। अमेरिकी रक्षा विभाग (पेंटागन) ने व्हाइट हाउस से 200 बिलियन डॉलर से अधिक के अतिरिक्त बजट की मांग की है। इस राशि का उपयोग युद्ध संचालन और हथियारों के तेजी से उत्पादन के लिए किया जाएगा। रिपोर्ट्स के अनुसार, अब तक इस युद्ध पर अमेरिका का खर्च 11 अरब डॉलर से अधिक हो चुका है, जिसमें शुरुआती दिनों में ही भारी रकम खर्च की गई थी।
लगातार बढ़ते हमलों और जवाबी कार्रवाई के बीच यह संघर्ष अब और व्यापक होता जा रहा है, जिससे पूरे मध्य-पूर्व क्षेत्र में तनाव चरम पर पहुंच गया है।
